शिमला : कमल भारद्वाज -नशे को छोड़ने और खेलों को बढ़ावा देने के मकसद से पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की जयंती पर अंतरराष्ट्रीय प्रो बॉक्सिंग चैंपियनशिप का शिमला के रिज मैदान में आयोजन किया गया । प्रो बॉक्सिंग संघ हिमाचल प्रदेश की ओर से आयोजित इस चैंपियनशिप में देश और दुनिया के नामी बॉक्सर ने अपना दमखम दिखाया।
प्रतियोगिता का शुभारंभ राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने किया । इस मौके पर कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष व वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह, बेटे विक्रमादित्य सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।इस अवसर पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने राजतंत्र से हटकर लोकतंत्र को अपनाया और हिमाचल प्रदेश के विकास अहम भूमिका अदा की। नशा हिमाचल प्रदेश में एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है और इसके उन्मूलन के लिए युवाओं को खेलों की तरफ प्रोत्साहित करना बेहद जरूरी है।वीरभद्र सिंह की जयंती के अवसर पर बॉक्सिंग संघ का यह प्रयास सराहनीय है। राज्यपाल ने युवाओं को नशे के कुचक्र को एक लड़ाई के रूप में लड़ने का आह्वान भी किया है।
वीरभद्र सिंह अच्छे से जानते थे कि कैसे करना है विरोधियों को नॉक आउट
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने खेल को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश में अलग योगदान दिया और प्रदेश में हर कोने ने बहुदेशीय हॉल स्थापित किए जिसमें खेलों का आयोजन किया जाता है। खेल का मैदान हो या राजनीति, वीरभद्र सिंह अच्छे से जानते थे कि कैसे विरोधियों को नॉक आउट करना है उसी को बॉक्सिंग चैंपियनशिप के माध्यम से जनता को भी दिखाया गया। वहीं बढ़ते नशे के खात्मे के लिए युवाओं को खेलों की तरफ़ ले जानें के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार आने वाले समय में ग्रामीण ओलंपियाड का आयोजन कर अलग-अलग खेल गतिविधियों को भी करवाने जा रहा है, ताकि नशे को खत्म किया जा सके। प्रो बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत के अलावा वियतनाम, रशिया , कोरिया सहित अन्य देशों के बॉक्सर ने रिंग पर दमखम दिखाया और विजय प्रतिभागी को ₹51000 देकर सम्मानित किया गया।
