नाहन/देवेन्द्र कुमार: सिरमौर जिला के गिरिपार इलाके में बूढ़ी दिवाली धूमधाम के साथ मनाई जा रही है। बीती रात इलाके में बूढ़ी दिवाली का शुभ आरंभ हुआ। गिरिपार के कई इलाकों में यह पर्व दो से तीन दिनों तक मनाया जाता है। बूढ़ी दिवाली पर आज सुबह करीब 4:00 बजे सभी गांव में मशाल यात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। गांव के मंदिर परिसरों से शुरू होने वाली यह मशाल यात्रा पूरे गांव की परिक्रमा कर वापिस मंदिर परिसर में लौटती है। खास बात यह है कि पुरुष वर्ग ही इस मशाल यात्रा का हिस्सा बनता है। लोगों ने बताया कि क्षेत्र में खुशहाली की कामना के लिए और भूत प्रेत आदि भगाने के लिए गांव में यह मशाल यात्रा निकाली जाती है, ताकि गांव पर कोई बुरा साया न पड़े। क्षेत्र यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।
बूढ़ी दिवाली पर बनाए जाते है कई पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन
लोगों ने यह भी बताया कि बूढ़ी दिवाली के दौरान यहां पर विशेष रूप से पहाड़ी व्यंजन भी तैयार किए जाते हैं। जिनका यहां के लोग अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर खाने का लुत्फ उठाते है।

रासा नृत्य लोगों के मनोरंजन व आकर्षण का केन्द्र
बूढ़ी दिवाली के दौरान यहां रासा नृत्य लोगों के मनोरंजन व आकर्षण का मुख्य केंद्र रहता है। इस आयोजन के दौरान यहां पहाड़ी संस्कृति की एक अनूठी झलक देखने को मिलती है।

