Kangra, Sanjeev-:हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा ज़िले के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र की पंचायत नागनी में स्थित श्री नागनी माता मंदिर सदियों से हर धर्म के लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। यहाँ की मान्यता है कि माता नागनी के चरणों में की गई पूजा-अर्चना से हर मनोकामना पूर्ण होती है।
त्योहारों के मौसम में, विशेषकर दिवाली के पावन अवसर पर, मंदिर में सजावट और तैयारियाँ जोरों पर रहती हैं। भक्त आरती, दीप प्रज्ज्वलन, और भव्य भंडारे में हिस्सा लेकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर के जलकुंड से पानी पीना और माता के चरणों की मिट्टी का लेप लगाने मात्र से भी स्वास्थ्य लाभ की मान्यता है। श्रद्धालु इस मिट्टी को शक्कर की तरह ग्रहण करते हैं और इसे चमत्कारी मानते हैं।मंदिर के पुजारी प्रीतम सिंह के अनुसार, मंदिर का इतिहास बहुत प्राचीन है। अंग्रेजों के समय 1869 में इसे ‘टीका कोढ़ी’ के नाम से रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। कहा जाता है कि एक कुष्ठ रोगी इस स्थान पर आने से पूरी तरह ठीक हो गया, और तब से यह स्थल प्रसिद्ध हुआ।मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ सांप-बिच्छू के काटने जैसी घटनाओं में भी श्रद्धालुओं को जीवन रक्षा और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है। इस तरह नागनी माता मंदिर को आस्था और चमत्कारों की भूमि कहा जाता है।
