राहुल चावला,धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश में इस बार भारी बरसात व बाढ़ के कारण पूरे प्रदेश में जान-माल की क्षति हुई हैं। आज तक के बहुत लंबे इतिहास के बाद अगर कोई क्षति हिमाचल प्रदेश में हुई हैं तो वह अप्रत्याशित हैं। पिछले कल से पूरे हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से त्रासदी का दौर देखने को मिल रहा हैं। प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण उन्हें लगातार फोन के माध्यम से प्रदेश में हो रही तबाही की सूचना भी मिल रही है जिसमें बहुत बड़े जानमाल के नुकसान की भी जानकारी उनके पास पहुंची है जो चिंता का विषय हैं। यह बात नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा पार्टी सत्ता में नहीं है बल्कि विपक्ष में हैं लेकिन उसके बाबजूद भी इस त्रासदी में भाजपा लोगों तक मदद पहुंच सके इसके प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश सब का है अपितु किसी दल का नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां भी भाजपा पार्टी की और से संभव हो पाया है हमने प्रदेश सरकार की भी मदद करने और सहयोग देने की कोशिश की हैं।
उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त जहां-जहां लोगों की जिंदगी खतरे उस दौर में भी लोगों की जिंदगी बचने और राहत कार्यों में सहयोग देने की कोशिश की हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता पार्टी एक जिम्मेवार पार्टी है और अपनी जिम्मेवारी को अच्छी तरह से समझती है और अपनी जिम्मेवारी को समझते हुए विपक्ष की भी अच्छी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब हिमाचल प्रदेश में यह त्रासदी का दौर आया तो हमने केंद्र में भी जाकर पक्ष के नेता के रूप में हिमाचल प्रदेश की इस पीड़ा को केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखा हैं।
उन्होंने कहा कि उनका गृह मंत्री अमित शाह से भी इस बारे में मुलाकात हुई हैं। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान की जानकारी भी केंद्रीय नेतृत्व को दी। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से हिमाचल प्रदेश को इस त्रासदी के दौरान जो मदद की जा सकती थी वह मदद केंद्रीय नेतृत्व ने हिमाचल प्रदेश को दी हैं। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने इस त्रासदी के दौरान हिमाचल प्रदेश को 364 करोड दो किस्तों में जारी किए और इसके अतिरिक्त अभी हाल ही में 190 करोड़ रुपए और केंद्र की ओर से जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अगर भौगोलिक स्थिति को देखा जाए तो उसके आधार पर यह कहा जा सकता हैं कि अगर मिट्टी को छेड़ा जाए तो कुछ वर्षों तक पहाड़ों से भूस्खलन हो सकता हैं। उन्होंने कहा कि जहां जहां पर एनएच को बनाने का काम शुरू हुआ है और जिस जिस जगह पर पहाड़ों को काटा गया है अब वहां पर भूस्खलन होना शुरू हो गया हैं।
