हमीरपुर,6 फरवरी:पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने विधानसभा की भर्तियों को लेकर उठे बवाल के बीच सुक्खू सरकार पर निशाना साधा है.उन्होंने कहा कि इस मामले में ना तो कोई पारदर्शिता बरती गई और ना ही योग्यता को अधिमान दिया गया।राजेंद्र राणा ने कहा कि पिछले सवा दो साल से प्रदेश के बेरोजगार नौकरियों के लिए तरस रहे हैं,लेकिन कांग्रेस सरकार बेरोजगारों के जख्म पर नमक छिड़क रही है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि हर साल डेढ़ लाख नौकरियां का वायदा करके सत्ता में आई इस सरकार ने पहले दिन से ही बेरोजगारों के हितों पर कुल्हाड़ी चलाना शुरु कर दी थी और लंबे समय तक ना तो भर्तियों के परिणाम जारी किए गए और ना ही नौकरियों के दरवाजे खोले गए।उन्होंने कहा कि विधानसभा भर्तियों में गोलमाल और पक्षपात के सीधे आरोप सोशल मीडिया में लग रहे हैं और यह अत्यंत गंभीर मामला है जिसकी केंद्रीय जांच एजेंसियों को अगर जांच सौंपी जाती है तो हरियाणा में जिस तरह चौटाला सरकार का भर्ती घोटाला बेनकाब हुआ था और कई लोगों को जेल की हवा खानी पड़ी थी,ठीक वैसा ही हिमाचल के इस भर्ती स्कैंडल के पीछे भी होगा।उन्होंने कहा कि नौकरियों की इस बंदरबांट से हिमाचल प्रदेश के नौजवानों में रोष और निराशा है।उन्होंने कहा कि भर्तियों पर उठे इस बवाल के बीच मुख्यमंत्री ने अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है,जिससे संदेह और गहरा हो रहा है।
