मंडी : धर्मवीर ( TSN)- हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान विभिन्न बांधों से अचानक पानी छोड़े जाने के कारणों व उसकी सत्यता की जांच के लिए इन दिनों केंद्रीय जल आयोग का एक दल हिमाचल के दौरे पर है। केंद्रीय जल आयोग के पूर्व अध्यक्ष आर.के. गुप्ता के नेतृत्व में आए इस दल ने बुधवार को मंडी स्थित पंडोह डैम का निरीक्षण किया। दल में केंद्रीय जल आयोग के पूर्व निदेशक हरकेष कुमार, निदेशक हाईड्रोलॉजी गोवर्धन प्रसाद, निदेशक एनडीएसए चंडीगढ़ क्षेत्र आर.पी.एस वर्मा, निदेशक केंद्रीय जल विद्युत परियोजना एवं जांच-पड़तात मंडल बलवंत कुमार सम्मिलित रहे।
केंद्रीय दल ने बरसात के मौसम के दौरान जुलाई व अगस्त माह में पंडोह डैम से पानी की निकासी से पूर्व किए गए प्रचार-प्रसार की जांच के साथ किन परिस्थितियों में पानी छोड़ा गया था का निरीक्षण भी जांच टीम ने किया। वहीं पंडोह डैम से पानी छोड़े जाने के कारण हुए नुकसान को लेकर भी टीम ने विस्तृत जांच की। इसके अलावा दल ने भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड के उच्च अधिकारियों से भी डैम से पानी छोडे़ जाने की वास्तविकता को लेकर जानकारी ली। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में बरसात के मौसम के दौरान भीषण बारिश व बादल फटने की घटनाओं के कारण नदी-नालों में बाढ़ आने के दृष्टिगत विभिन्न डैमों से पानी की निकासी की गई थी। इससे नदियों में बाढ़ के हालात बने और सरकारी व निजी सम्पति को नुकसान हुआ था। इसे लेकर कारणों व सत्यता की जांच के लिए केंद्रीय दल पौंग, पार्वती स्टेज-3, मलाणा-2 और पंडोह डैम के निरीक्षण के लिए दौरे पर है। पंडोह डैम की बात की जाए तो स्थानीय लोगों ने बीबीएमबी प्रबंधन पर बिना किसी अग्रिम सूचना के पानी छोड़ने के आप भी लगाए थे। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मंडी डॉ. मदन कुमार कुमार के अलावा उर्जा, प्रदेश सरकार के उर्जा विभाग के अधिकारी सहित भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद थे।
