संजीव महाजन,नूरपुर: पिछले साल बरसातों में खतरे की जद्द में आए चक्की पुल के हालात एक वर्ष बीतने के बाद भी उसी तरह के बने हुए हैं। लगभग पिछले एक साल से चक्की पुल की मरम्मत का काम चला हुआ है जिसके कारण बड़े वाहनों के लिए इस पुल पर आवाजाही का पूर्ण रूप से प्रतिबंध हैं, जबकि छोटे वाहनों के लिए पुल खुला हैं। अब सबाल यह है की ऐसा भी क्या कार्य लगा हुआ है जो एक साल से किया जा रहा है और अब फिर एक बार इस पुल को पहली ही बरसात से खतरा हो गया हैं।
चक्की पुल के नीचे पिल्लर की सपोर्ट के लिए पत्थर के क्रिएट और पानी के बहाव को कम करने के लिए दो सीमेंट से बनी दीवारें बनाई गई हैं जिस में से एक पहली ही बरसात के पानी में बह गई हैं। चक्की दरिया का बहाव पंजाब वाले भाग के दो पिल्लरों पर पिछले 2 साल की तरह ही गुज़र रहा हैं। गत वर्ष भी बाढ़ के पानी के कारण इन दोनों पिल्लरों को भारी क्षति पहुंची थी ओर आवागमन के लिए इस पुल को बंद कर दिया गया था। काफी समय बाद छोटे वाहनों को आने जाने की अनुमति तो पुल पर मिल गई लेकिन बड़े वाहनों का गुजरना गत वर्ष से बंद रखा गया हैं।
जानकारी के अनुसार आज राष्ट्रीय सड़क प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों पर नूरपुर प्रशासन की ओर से चक्की पुल का दौरा करके स्थिति का अवलोकन किया गया हैं। पिल्लरों के बचाव को लेकर समीक्षा की गई हैं। एसडीएम नूरपुर सिमरन सिंह ने बताया कि पुल के आवागमन के लिए अभी बंद नहीं किया गया हैं ओर सुरक्षा के लिहाज से विभाग के आह्वान पर ही पुल को बंद किया जा सकता हैं। फिर भी इस मामले में तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट जरुरी होगी।
