चम्बा:मंजूर पठान(TSN)-वन विभाग चम्बा को वन्यजीवों के अवशेषों की तस्करी के मामले में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है।चम्बा जिला के मिनी स्विट्ज़रलैंड खज्जियार में गुप्त सूचना का आधार पर वन विभाग ने गेट में नाकाबंदी के दौरान वन प्राणी के अवशेषों के साथ दो बाहरी राज्यों के व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।यह आरोपी अन्य राज्यों से वन्यजीवों को मारकर उनके अंग धार्मिक और जादू टोने के साथ जोड़कर चम्बा के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों को बेचकर उनसे मुंह मांगे दाम बसूलते थे।
वन विभाग ने इन आरोपियों पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश कर आगे की कारवाही व छानबीन के लिए 16 मई तक का रिमांड में लिया है।वन विभाग को शक है कि यह लोग चम्बा के जंगलों में भी अन्य वन्य जीवों का अवैध शिकार कर उनके भी अवशेषों का गैर कानूनी ढंग से इस्तेमाल कर रहे हैं।फिलहाल वन विभाग की एक टीम ने इस मामले की जांच को तेज कर दिया है.जल्द ही जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा सामने आएगा।इससे पहले भी वन विभाग द्वारा मेपल और भोजपत्र व अन्य वन जीवों से जुड़े मामले सामने लाए गए थे।अब बन विभाग द्वारा कयास लगाया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चम्बा से वन संपदा की अवैध रूप से तस्करी की जा रही है।यही वजह है कि वन विभाग ने तस्करी को रोकने के लिए खास कदम उठाए हैं।
खज्जियार में सैलानियों को दवाई बेचने का करते थे काम
वही डीएफओ चम्बा ने बताया कि एक गुप्त सूचना के अनुसार खज्जियार के गेट में वन विभाग ने नाके के दौरान जब दो बाहरी राज्यों के लोगों की तलाशी ली तो तलाशी के दौरान उन्हें वन जीवो के अवशेषों के साथ कुछ अन्यप्रतिबंधित सामान मिला है।जिसमें चार हाथ जोड़ी सात मृग सिंगी और कुछ अन्य सामान बरामद हुआ है.उन्होंने कहा कि यह लोग खज्जियार में सैलानियों को दवाई बेचने का काम करते थे और उनसे इस तरह का यह सामान मिला है। उन्होंने बताया कि यह हाथ जोड़ी मॉनिटरिंग लिजर्ड जिसे देसी भाषा में गोह कहा जाता है और यह लोग इस धार्मिक व जादू टोना कह कर के लिए इस्तेमाल करते थे,लेकिन ऐसा कुछ नहीं होता है यह सब मनगढ़ंत बातें हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल वन विभाग की टीम ने इन लोगों को कोर्ट में पेश किया है और जांच के बाद पता चलेगा कि इन लोगों के तार किसके साथ जुड़े हैं जिससे कुछ और बातों का भी खुलासा हो सकता है।
