चंबा (मंजूर पठान): 13 अक्टूबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंबा जिला के एक दिवसीय दौरे पर आ रहे है। इस दौरे को लेकर चंबा जिला के लोगों को काफी उम्मीदें है। बता दें कि जनजाति क्षेत्र पांगी घाटी के लोग पिछले काफी लंबे समय से घाटी को टनल के माध्यम से जोड़ने को मांग करते आ रहे है। अब यहां के लोग प्रधानमंत्री से चहनी टनल को बनाने की मांग कर रहे है। पांगी कल्याण संघ ने भी पत्रकार वार्ता के दौरान घाटी को चहनी टनल देने की मांग की है।
बता दें कि सुरक्षा की दृष्टि से भी लेह लद्दाख को जोड़ने वाला मार्ग पठानकोट से 802 किलोमीटर बनता है जो काफी लंबा मार्ग होने की वजह से सुरक्षा की दृष्टि से भी काफी दूर है ऐसे में अगर लद्दाख के लिए चंबा सांच पास होते हुए पांगी से जाते हैं तो इसकी दूरी मात्र 500 किलोमीटर ही रह जाती है। इससे जहां एक तरफ 300 किलोमीटर की दूरी कम होगी वहीं दूसरी और सुरक्षा की दृष्टि से भी यह मार्ग सुरक्षित माना जाता है। पांगी कल्याण संघ के अध्यक्ष ने कहा अगर प्रधानमंत्री मंच से हमारी मांग को पूरा करते है तो घाटी के लोग हमेशा ही उनके ऋणी रहेंगे।
अकसर भारी बर्फबारी के चलते घाटी को जोड़ने वाला मार्ग 7 महीने के लिए बंद हो जाता है,जिसके चलते घाटी के लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। अगर टनल का निर्माण होता है तो घाटी के लोगों को 24 घंटे यह सुविधा मिलेगी और घाटी के लोग आराम से आपने सब्जियों का उत्पादन ओर इसके साथ ही कैश क्रॉप की फसलों को भी जिला मुख्यालय तक पहुंचा सकते है। वहीं दूसरी ओर पांगी कल्याण संघ के अध्यक्ष बगत बढ़ोत्रा का कहना है की सुरक्षा की दृष्टि से लेह लद्दाख को पहुंचने के लिए वाया पठानकोट 802 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, लेकिन वाया चंबा साच पास यह दूरी 500 किलोमीटर है। हम पीएम से मांग करेंगे की वो पांगी घाटी के लोगों की मुश्किलों को देखते हुए चेहनी टनल की घोषणा करें ताकि घाटी के लोगों की समस्या का समाधान हो सके,क्योंकि साच पास 6 से 7 महीनों तक भारी बर्फबारी से बंद रहता है।
