मंडी :धर्मवीर (TSN)- सर्दियों के मौसम में हर साल हिमाचल प्रदेश मंडी जिला के नदियों व जलाशयों में हजारों प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। आसमान में हजारों किलोमीटर की यात्रा तय कर यह प्रवासी पक्षी यहां पहुंचते हैं और तीन से चार माह तक यही डेरा डाले रहतें हैं। लेकिन गत वर्षों के मुकाबले इस वर्ष इन प्रवासी पक्षियों की संख्या में थोड़ी कमी देखने को मिल रही है और इसका कारण मौसम में हुई तब्दीली माना जा रहा है।
मंडी जिला की नदियों और झीलों में प्रवास पक्षियों में डाला हुआ है डेरा
सितंबर महीने के बाद प्रदेश में अब जाकर बारिश और बर्फबारी हुई है। पिछले हफ्ते तक प्रदेश में मौसम शुष्क ही बना हुआ था और घने कोहरे के साथ कड़ाके की सर्दी पड़ रही थी। मंडी जिला की बात करें तो ब्यास नदी, पंडोह डैम, लारजी डैम, रिवालसर झील और सुंदरनगर झील में प्रवासी पक्षियों ने अपना डेरा जमाया हुआ हैं। आए हुए प्रवासी पक्षियों में कॉमन कूट, टफ्ड डक, मल्लार्ड, कॉमन पोचार्ड, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, लिटिल ग्रेब, कार्मोरेंट आदि प्रजातियों के पक्षी शामिल हैं। यह प्रवासी पक्षी अपने देशों में पारा माईनस में चले जाने के चलते बड़ी संख्या में तीन से चार महीनों के लिए प्रवास पर यहां आते हैं। लेकिन इस बार इनकी संख्या में कमी देखी जा रही है। हालांकि वन विभाग इनकी कोई गणना तो नहीं करता लेकिन अनुमान के आधार पर ही इनकी संख्या तय की जाती है। मुख्य अरण्यपाल वन वृत मंडी अजीत ठाकुर ने बताया कि हर वर्ष यह प्रवासी पक्षी दिसंबर के महीने में आते हैं और फरवरी महीने के अंत तक वापिस चले जाते हैं। इस दौरान फिल्ड स्टाफ को इन पक्षियों पर गिगरानी रखने के निर्देश दे दिए गए हैं ताकि इनके साथ किसी भी प्रकार की कोई छेड़छाड़ न हो सके।
