अरविंदर सिंह,हमीरपुर: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को नादौन में मिनी सचिवालय का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री जिला हमीरपुर के चार दिवसीय प्रवास पर हैं। मुख्यमंत्री का यहां पर पहुंचने पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यहां पर उन्होंने विधिवत रूप से कार्यालय का उद्घाटन किया। 12 करोड़ की लागत से इस मिनी सचिवालय का निर्माण किया गया हैं। नादौन में मिनी सचिवालय के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने सचिवालय परिसर में ही जनसमस्याएं सुनी।
उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार में आनन-फानन में इस अधूरे भवन का उद्घाटन करवाया था, लेकिन आज उन्होंने इस कार्यालय का शुभारंभ किया है और जनता को एक छत के नीचे सभी सुविधाएं मुहैया करवाने का काम किया हैं। उन्होंने कहा कि भवन में लिफ्ट का भी प्रावधान किया गया ताकि दिव्यांग जनों को भी सहूलियत मिल सके।
चंडीगढ़ में हिस्सेदारी के मुद्दे पर भाजपा विधायक और सांसद भी दें साथ
पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार की ओर से चंडीगढ़ में हिस्सेदारी व अन्य मुद्दों को सही मंच पर उठाया जा रहा हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार का आभार प्रकट करते हुए कहा कि सरकार की ओर से उठाए गए इस मुद्दे पर उन्होंने खुलकर समर्थन दिया हैं। उन्होंने भाजपा विधायकों और भाजपा के हिमाचल प्रदेश के सांसदों से भी आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन करें और प्रदेश की मांग को पूरा करवाएं।
कांग्रेस सरकार के प्रयासों से ही हुई थी हमीरपुर मेडिकल कॉलेज की नोटिफिकेशन
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को उनकी देन कहने पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय उन्हीं के प्रयासों से इस मेडिकल कॉलेज की नोटिफिकेशन जारी की गई थी और 190 करोड़ की राशि भी स्वीकृत की गई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के नेता को गलत बात नहीं करनी चाहिए । उन्होंने बताया कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद से उन्होंने मेडिकल कॉलेज के लिए पहले 70 करोड़ की राशि देने के बाद पिछले कल ही इसके लिए 80 करोड़ की राशि और स्वीकृत की गई हैं।
जनता की समस्याओं को सुलझाना सरकार की प्राथमिकता
वहीं विपक्ष की ओर से सरकार पर लोगों की समस्याएं ना सुझाए जाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के 6 माह के कार्यकाल में ही लोगों की समस्याओं का निपटारा घर द्वार पर करने की कोशिश की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय शुरू किए गए जनमंच में अधिकारियों का शोषण किया जाता था और उन्हें खुले मंच पर प्रताड़ित किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार हमेशा से जनहित के कार्यों में आगे रही है और जनता की समस्याओं को सुलझाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा हैं
