Shimla, 7 July-पंडोह डैम में हाल ही में भारी मात्रा में वन लकड़ियों के एकत्र होने की घटना पर राज्य सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए इसकी जांच आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंपने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच निष्पक्ष और त्वरित होनी चाहिए।
बड़ी मात्रा में लकड़ियां बहकर पहुंची थी डैम में
बीते सप्ताह क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश और बादल फटने की घटना के चलते पहाड़ी क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में लकड़ियां बहकर डैम में पहुंच गई थीं। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर तैरती लकड़ियों के वीडियो और तस्वीरें वायरल हो गईं, जिससे आमजन में चिंता बढ़ी और जांच की मांग ज़ोर पकड़ने लगी।राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाएगा कि इतनी बड़ी मात्रा में लकड़ियां कैसे और किन परिस्थितियों में डैम तक पहुंचीं।
प्रवक्ता ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आपदा के समय लोगों की जान बचाना और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम देना है।उन्होंने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए समूचा प्रशासनिक तंत्र सक्रिय रूप से कार्यरत है। जांच के आदेश इस उद्देश्य से दिए गए हैं कि यदि इस घटना के पीछे किसी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि पाई जाती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।प्रवक्ता ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार हिमाचल प्रदेश को 31 मार्च 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस लक्ष्य में बाधा डालने वाले किसी भी तत्व को कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।
