Shimla, 21 November-:रेहड़ी-फड़ी तथा तयबजारी यूनियन से संबद्ध सीटू ने शिमला नगर निगम की नीतियों के खिलाफ गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने नगर निगम द्वारा तहबाजारियों को हटाने और उनके सत्यापन व पंजीकरण के लिए आठ-आठ दस्तावेज मांगने को अव्यावहारिक बताते हुए महापौर कार्यालय का तीन घंटे तक घेराव किया। महापौर के कार्यालय में उपस्थित न होने के कारण यूनियन प्रतिनिधियों से फोन पर वार्ता की गई, जिसमें शनिवार को बैठक बुलाने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने चेतावनी दी कि अगर निगम प्रशासन तहबाजारियों को उजाड़ना बंद नहीं करता और केवल आधार कार्ड के आधार पर ही सत्यापन की प्रक्रिया लागू नहीं करता, तो प्रतिदिन मेयर कार्यालय के बाहर मोर्चा लगाया जाएगा।प्रदर्शन में प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा के साथ जिला कोषाध्यक्ष बालक राम, जिला सचिव विवेक कश्यप, आईजीएमसी यूनियन अध्यक्ष वीरेंद्र लाल पामटा, यूनियन अध्यक्ष दर्शन लाल और उपाध्यक्ष शब्बू आलम शामिल रहे। नेताओं ने आरोप लगाया कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 और 2007 की स्ट्रीट वेंडर्स पॉलिसी को नज़रअंदाज़ कर निगम प्रशासन पुराने तहबाजारियों को परेशान कर रहा है। कैबिनेट सब-कमेटी के नाम पर आठ दस्तावेजों की मांग को उन्होंने पूरी तरह गैर-कानूनी और अव्यावहारिक बताया।
नेताओं ने कहा कि शहर में टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की बैठकें महीनों से नहीं हुई हैं, जिससे सैकड़ों स्ट्रीट वेंडर्स को अब तक सर्टिफिकेट जारी नहीं हो पाए हैं। उन्होंने स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के तहत टीवीसी के गठन, नियमित बैठकों और बिना देरी के सर्टिफिकेट जारी करने की मांग उठाई। यूनियन ने आरोप लगाया कि शहर के आईजीएमसी, लक्कड़ बाजार, लोअर बाजार, संजौली, समरहिल, पुराना बस स्टैंड सहित विभिन्न क्षेत्रों से तहबाजारियों को हटाया जा रहा है, जो एक्ट का स्पष्ट उल्लंघन है।सीटू ने चेताया कि यदि बेदखली की कार्रवाई तुरंत नहीं रोकी गई तो आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा।
