बिलासपुर /सुभाष ठाकुर – नगर परिषद घुमारवीं द्वारा स्वच्छता अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत इससे अलग है। कसबे के नाले नालियों की नियमित सफाई ना होने से इनमें गंदगी जमा है। इस कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गंदगी से भरे पड़े नाले, सो रहे रखवाले , दुर्गंध से लोग परेशान
नगर परिषद घुमारवीं के अंतर्गत आने वाले शहर के बीचो बीच गांधी चौक के साथ बहने वाला नाला गंदगी से भरा पड़ा है । जिससे इस नाले के दोनों तरफ बने घरों में रहने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । एक तरफ जहां इस नाले में सीवरेज के चेंबर ओवरफ्लो हो रहे हैं। वहीं दुसरी तरफ शहर की आधी आबादी के घरों से निकलने वाला गंदा पानी भी नाले में रुका पड़ा है। परन्तु नगर परिषद की ओर से इस नाले की सफाई की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों के बार बार संबंधित विभाग व कर्मचारियों को अवगत करवाने के बाद भी सिर्फ झूठे आश्वासनों के सिवा कुछ नहीं मिल रहा। खुले में बहती या गंदगी जहां स्थानीय लोगों के लिए परेशानी बन रही है तो वही इन लोगों में यह डर भी सता रहा है कि निरंतर बहती यह गंदगी सीधी सीर खड्ड में घुल रही है। इससे बीमारी फैलने का डर सताने लगा है। अगर समय रहते विभाग गहरी नींद से नहीं जागा तो शहर के साथ-साथ दर्जनों गांव बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। इस सिरखड्ड पर दर्जनों गांव की पानी की स्कीमें बनी है , जिससे हर रोज लोगों को पीने का पानी मुहैया करवाया जाता है।
नगर परिषद प्रशासन की अनदेखी का खमियाजा भुगत रहे लोग
शहर में नगर परिषद प्रशासन की अनदेखी का शहर के लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। नाले के साथ रहने वाले लोगों का दुर्गंध से जीना मुहाल हो चुका है। साथ ही इस गंदगी की वजह से आमजन को गंभीर बीमारियों डेंगू , मलेरिया का खतरा भी सता रहा है। नाले में गंदा और बदबूदार पानी जमा हो गया है। हालांकि दिन के समय कचरा गाड़ियों को गली-गली इकट्ठा करने के लिए भेजा जा रहा है । नागरिक तो स्वच्छता अभियान को लेकर जागरूक हो रहे हैं। परंतु नगर परिषद ही इस अभियान को लेकर उदासीन नजर आ रही है। क्योंकि उसके द्वारा केवल सड़कों की साफ-सफाई को ही स्वच्छता अभियान मानकर अपने कर्तव्य की इतिश्री की जा रही है। नालियों में बह रही गंदगी की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
