संजु चौधरी, शिमला: शिमला नगर निगम चुनावों को लेकर प्रत्याशी लगातार चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। वहीं राजनीतिक दलों के बड़े नेता भी चुनावी मैदान में उतर कर अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए प्रचार कर रहे हैं ऐसे में बात अगर शिमला नगर निगम के इंजन घर वार्ड की कि जाए तो यहां पर भाजपा और कांग्रेस दोनों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इसके पीछे की वजह है इस वार्ड से बतौर आजाद प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरी आरती चौहान।
साल 2017 में भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से जीतकर नगर निगम शिमला पहुंची आरती चौहान का साल 2023 में टिकट कट गया हैं। उनकी जगह भाजपा ने हाल ही में पार्टी में आए विकास थापटा को प्रत्याशी बनाया हैं। इससे नाराज होकर आरती चौहान बतौर आजाद प्रत्याशी मैदान में उतर गई हैं।
आजाद प्रत्याशी आरती चौहान को इंजन घर वार्ड में उन्हें लोगों का अपार समर्थन मिल रहा हैं। आरती चौहान अपनी जीत को लेकर आश्वस्त भी नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा है कि बीते 5 साल उन्होंने लगातार आम जनता के हित के लिए काम किया हैं। इंजन घर वार्ड में बड़े प्रोजेक्ट लाकर विकास के काम को आगे बढ़ाया हैं,बावजूद इसके पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दी।
उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी की ओर से टिकट न दिए जाने का मलाल है, लेकिन वह पूरे दमखम के साथ नगर निगम शिमला के चुनाव लड़ रही हैं। आरती चौहान ने दावा किया है कि वह नगर निगम शिमला का चुनाव जीतेंगी और इंजन घर वार्ड की जनता की आवाज को सदन तक पहुंचाएगी।
