राहुल चावला, कांगड़ा: कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का मामला हमेशा से विवादों में रहा है। इस एयरपोर्ट के विस्तार की जब भी बात हुई है तब तब इसका विरोध होना शुरू हो गया है। अब अगर सब ठीक रहा तो जल्द ही विस्तारीकरण का कार्य यहां शुरू हो जाएगा। इस एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की उम्मीद भी पुणे से सीपीडब्लूआरएस की टीमों की ओर से किए गए दौरे के बाद जगी है। इसके बाद से ही जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग भी उत्साहित नजर आ रहा है।
बता दें कि पुणे के सीपीडब्लूआरएस संस्थान के तीन वैज्ञानिकों ने कांगड़ा में आकर एयरपोर्ट और इसके आसपास के तमाम क्षेत्रों का दौरा किया है। इस बीच वैज्ञानिकों ने एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की प्रबल संभावनाएं भी जाहिर की है। इसके साथ ही निर्माण कार्य में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले संबंधित विभागों से तुरंत परियोजना की रिपोर्ट तैयार करके उन्हें सौंपने के दिशा निर्देश भी दिए हैं।
इस दौरे के बाद से ही एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की बात कही जा रही है, हालांकि इन सबके बीच जहां कांगड़ा के लोगों का पुनर्वासन जिला प्रशासन के सामने बड़ी समस्या है। वहीं एयरपोर्ट विस्तारीकरण के बीच पड़ने वाली माझी, सराह खड्ड और इनके सहायक नाले भी चुनौती के तौर पर देखे जा रहे हैं। वहीं अगर पर्यटन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर विनय धीमान की मानें तो सीपीडब्लूआरएस के विशेषज्ञों की टीम ने कांगड़ा में आकर इन सब चुनौतियों पर विराम लगा दिया है। अब दो चरणों में एयरपोर्ट का विस्तार होगा जिसमें कोई भी बाधा नहीं आएगी।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में 19 सौ मीटर तक की लंबाई पर काम होगा, फिर दूसरे चरण में 3110 मीटर तक एयरपोर्ट का विस्तार होगा। विनय धीमान ने कहा कि टीम ने एयरपोर्ट के खड्ड वाले क्षेत्र में जाकर करीब 23 किलोमीटर तक नीरिक्षण किया है और पाया है कि इसका तटीकरण करके आईपीएच विभाग भरपूर लाभ उठा सकता है। इसके लिए आईपीएच विभाग को रिपोर्ट तैयार करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। वहीं माझी खड्ड पर बनने वाले पुल पर पीडब्लूडी काम करेगा। इसके लिए पीडब्लूडी विभाग को भी रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
विनय धीमान की मानें तो वैज्ञानिक इस क्षेत्र का निरीक्षण करके यह संभावना जाहिर करके गए हैं कि यहां हर लिहाज से एयरपोर्ट का विस्तारीकरण हो सकता है। अब ऐसे में संबंधित विभाग जल्द ही रिपोर्ट तैयार करके सीपीडब्लूआरएस को सौंप देंगे और उसके बाद कांगड़ा के एयरपोर्ट का विस्तार शुरू हो जाएगा। धीमान ने कहा पहले फेज में होने वाले विस्तार के बाद ही एटीआर-72 अपनी फुल क्षमता के साथ उतर पाएगा, जिससे किराया भी सस्ता होगा और सैलानियों की आमद भी बढ़ेगी। वहीं अगर दूसरे चरण का भी काम पूरा हुआ तो फिर कांगड़ा में पर्यटन कारोबार में एकदम से बूम आएगा।
