संजु चौधरी,शिमला: शिमला नगर निगम के चुनावों में सीपीआईएम ने भी अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे हैं। सीपीआईएम ने 34 वार्डों में से केवल 4 वार्डों पर ही चुनाव लड़ रही हैं। सोमवार को सीपीआईएम के उम्मीदवार उपायुक्त कार्यालय नामांकन भरने पहुंचे। समरहिल से वीरेंद्र ठाकुर, टूटू से दीक्षा ठाकुर, कृष्णानगर से अमित कुमार, सांगटी से कपिल देव शर्मा नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान सीपीआईएम के पूर्व विधायक राकेश सिंघा पूर्व महापौर संजय चौहान,पूर्व उप महापौर टेकेंद्र पवर सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान सीपीआईएम ने कांग्रेस के साथ भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
q
सीपीआईएम नेता व नगर निगम के पूर्व महापौर संजय चौहान ने कहा कि 2 मई को नगर निगम के चुनाव होना तय हुआ हैं। पिछले 5 वर्षों में भाजपा की नगर निगम होने के साथ ही प्रदेश में सरकार थी और भाजपा ने सेवाओं का निजीकरण करने के अलावा कोई काम नहीं किया हैं। आम जनता पर टैक्स का बोझ लादा गया हैं। यही नहीं शहर की संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का काम किया गया हैं। सीपीआईएम ने कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ विकल्प के रूप में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। उन्होंने कहा कि 2012 से 17 तक नगर निगम में सीपीआईएम के महापौर और उपमहापौर थे उस समय शिमला के विकास को नई गति दी थी लेकिन उसके बाद भाजपा नगर निगम पर काबिज हुई तो शिमला के विकास कार्य को ग्रहण लग गया हैं।
पिछले 5 सालों से शहर में कोई भी विकास के काम नहीं हुए हैं। केवल लोगों पर टैक्स डालने का काम किया गया हैं। शिमला शहर की जनता कांग्रेस और बीजेपी की नीतियों से दुखी हो चुकी हैं। कांग्रेस और भाजपा ने शिमला शहर में पानी की दरों को बढ़ाने के साथ ही कूड़े की दरों को बढ़ाने का काम किया हैं, जिसके खिलाफ सीपीआईएम लंबे समय से संघर्ष कर रही हैं और नगर निगम में जो पार्षद सी टीम की जीत के आएंगे अब नगर निगम के सदन में आम जनता की आवाज को उठाने का काम करेंगे।
