नाहन/देवेन्द्र कुमार: आगामी विधानसभा चुनाव में रेणुका जी बांध विस्थापित सत्तारूढ़ दल के खिलाफ वोट करेंगे। बांध विस्थापितों ने सरकार पर उनकी अनदेखी के आरोप लगाए हैं। सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन पहुंचे बांध विस्थापितों ने बताया कि पिछले 15 सालों से लगातार वह अपनी मांगों को उठा रहे हैं, मगर उनकी मांगों पर कोई गौर ना तो स्थानीय प्रशासन द्वारा और ना ही सरकार द्वारा किया जा रहा है।
विस्थापितों ने बताया कि हाल में 9 सितंबर को अपनी मांगों को लेकर उन्होंने डीसी सिरमौर को एक मांग पत्र सौंपा था और 15 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। मगर कोई भी सकारात्मक जवाब डीसी सिरमौर की तरफ से नहीं मिल पाया है जिसे लेकर बांध विस्थापितों में रोष है। बांध विस्थापितों का यह भी कहना है कि अपनी मांगों को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से दो बार मुलाकात की थी । मगर मुख्यमंत्री की तरफ से भी सिर्फ आश्वासन मिल पाए की मांगे पूरी ना होने की सूरत में उन्हें मजबूरन विरोध का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मांग पूरी न होने कि सूरत में मजबूरन 17 पंचायत के 1142 परिवारो को सरकार की खिलाफत करनी पड़ेंगी। बांध विस्थापितों की मांग है कि विस्थापितों को उचित मुआवजे के साथ-साथ उन्हें यहां प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दी जाए और विस्थापित होने वाले लोगों के लिए अच्छी जमीने देखी जाए, ताकि उन्हें किसी तरह कि कोई परेशानी ना हो। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ माह पहले महत्वपूर्ण रेणुका जी बांध परियोजना का शिलान्यास कर चुके हैं। शुरुआती चरण में 7 हजार करोड़ से अधिक की राशि यहां पर खर्च की जा रही है।
