Mandi, Dharamveer-:लेखन, कला व साहित्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए डीसी मंडी ने छोटी काशी की 18 विभूतियों को सम्मानित किया है। भारतीय सांस्कृतिक निधि अध्याय मंडी ( इंटैक ) के द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में इन विभूतियों को यह गौरवमयी सम्मान प्रदान किया गया है। इस समारोह में डीसी मंडी अपर्वू देवगन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे।
इस मौके पर अपने संबोधन में डीसी मंडी अपर्वू देवगन ने कहा कि मंडी ने हमेशा ने ही अपनी कला और संस्कृति को प्रोत्साहित किया है। लेकिन प्रशासन के द्वारा इन प्रतिभावान लोगों को सम्मान दे पान संभव नहीं हो पाता है। उन्होंने निजी संस्थाओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए आने वाले वाले समय में भी ऐसे प्रतिभाशाली लोगों को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया है।भारतीय सांस्कृतिक निधि मंडी अध्याय के संयोजक नरेश मल्होत्रा ने कहा कि इंटैक की ओर से इन विभूतियों को मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। आने वाले समय में जिला के अन्य प्रभावशाली लोगों को भी इंटैक द्वारा इसी तरह सम्मान दिया जाएगा। वहीं इंटैक मंडी के सह संयोजक अनिल शर्मा ने कहा कि उनकी संस्था द्वारा अभी तक छोटी काशी की 85 विभूतियों को सम्मानित किया जा चुका है।
इन 18 विभूतियों को मिला सम्मान:
चित्रकला के क्षेत्र में पारुल कपूर, प्रवीन रावत, गौरव शर्मा एवं कृतिका कपूर बिष्ट को सम्मानित किया गया। लेखन के क्षेत्र में दिलीप मोदगिल, इंदु वैद्य एवं सत्य महेश शर्मा को सम्मान प्रदान किया गया। स्थानीय नृत्य कला के लिए सुमन पंडित एवं ईशा डोगरा को सम्मानित किया गया। टांकरी लिपि संरक्षण के लिए पारुल अरोड़ा तथा मांड्याली बोली संरक्षण के लिए दीप कुमार को सम्मान मिला। नाटक कला के क्षेत्र में दक्षा उपाध्याय और रूप उपाध्याय को सम्मानित किया गया। कविता के क्षेत्र में डॉ. मस्तराम सैनी, लतेश कुमार शर्मा एवं सुरेंद्र पाल वैद्य को सम्मानित किया गया। स्थानीय देवी-देवताओं के इतिहास संरक्षण के लिए ताराचंद पटियाल एवं कपिल चटर्जी को सम्मान प्रदान किया गया।
