कुल्लू : मनमिंदर अरोड़ा (TSN)- अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में एक देवता ऐसा है, जिससे यातायात प्रबंधक कहा जाता है। दशहरा उत्सव में पुलिस जवान नहीं बल्कि देवता भीड़ को नियंत्रित करता है। देवता नाग धूमल को यहां पर यातायात व्यवस्था बनाते हैं। इससे यातायात प्रबंधक भी कहा जाता है।
अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में जहां लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सैकड़ों पुलिस जवान तैनात होते हैं। इस दौरान भगवान रघुनाथ जी की रथ यात्रा के आरंभ होने से देवता धूमल नाग अकेले ही पूरी भीड़ को नियंत्रित करता है। इस बार दशहरा उत्सव 24 से 30 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है। दशहरा उत्सव के आरंभ होने पर भगवान रघुनाथ के रथ के सामने लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है तो यह देवता स्वयं भगवान रघुनाथ के लिए रास्ता बनाते हैं।
नियम टूटने पर खुद चलते हैं देवता
देवता के गुर गुप्त राम ने बताया कि जब कोई व्यक्ति मंदिर के आसपास गंदगी फैलाता है और नियम टूट जाते हैं तो यह देवरथ अपने आप ही अपने स्थान से चलने लगता है। इस कारण इस देव रथ को बांध कर भी रखा जाता था। अब जब से देवता के लिए नए आसन की व्यवस्था की गई है, तब से उन्होंने देवता के रथ को बांधना छोड़ दिया है। अभी भी कई बार देवता का रथ अपने स्थान से स्वयं चलने लगता है।
2019 में बीच रास्ते से ही वापिस कुल्लू पहुंचे थे देवता
वर्ष 2019 के दशहरा की समाप्ति पर कुछ लोगों ने देवस्थल पर दुकानें लगा दी। देवता नाग धूमल जब वापिस घर आ रहे थे तो वह डोहलूनाला पहुंचकर कुल्लू जाने की जिद पर अड़ गए। करीब 35 किमी का सफर तय कर देवता देर रात भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में वापिस पहुंच गए। इसके बाद लोगों ने देवता से माफी मांगी और आश्वासन दिया कि देवताओं के स्थान को साफ सुथरा रखा जाएगा।
वर्ष 2020 में बिन बुलाए पहुंच गए थे ढालपुर
वर्ष 2020 में कोरोना के चलते बहुत कम देवताओं को ही आमंत्रित किया गया था। परंतु हलाण-दो के देवता नाग धूमल सहित चार देवता प्रशासन के बुलावे के बिना ही ढालपुर मैदान पहुंचे। सरकार और प्रशासन के आदेश देवता के आगे बौने साबित हुए। देवता ने कुल्लू पहुंच कर देवताओं को न बुलाने पर आपत्ति भी दर्ज की थी।
देवता धूमल नाम जहां पर काफी भीड़ होती है वहां पर जाकर देवता उस भीड़ को हटाते हैं। देवता के रथ में इतनी शक्ति है कि अगर देवता की इच्छा के बगैर कोई धार्मिक कार्य किया जाता है या गंदगी फैलाई जाती है तो देवता का रथ स्वयं जमीन पर चलने लगता है।
