शिमला-: भूमिगत पाइपलाइन, बिजली केबल, गैस लाइन, ऑप्टिकल फाइबर और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं को खुदाई के दौरान होने वाले नुकसान से बचाने के उद्देश्य से भारत सरकार के ‘Call Before You Dig (CBuD)’ मोबाइल ऐप पर सोमवार को बचत भवन शिमला में एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने की।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि ‘Call Before You Dig’ ऐप की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि विभिन्न विभाग अपने भूमिगत नेटवर्क का सटीक, अद्यतन और डिजिटाइज्ड डेटा उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि यदि विभागों के पास भूमिगत लाइनों का सही रिकॉर्ड नहीं होगा तो केवल अलर्ट या नोटिफिकेशन भेजने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा। इसलिए सभी विभाग अपने-अपने नेटवर्क का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर उसे नियमित रूप से अपडेट करें।उन्होंने बताया कि ऐप के माध्यम से खुदाई शुरू करने से पहले संबंधित विभागों को सूचना भेजी जाती है, जिससे वे क्षेत्र में मौजूद भूमिगत नेटवर्क की जानकारी साझा कर सुरक्षित खुदाई सुनिश्चित कर सकते हैं। यह व्यवस्था दुर्घटनाओं, सेवा बाधित होने, आर्थिक नुकसान और जनहानि की संभावनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह ऐप दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर संचालित किया जा रहा है।
उपायुक्त ने सभी सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, निर्माण एजेंसियों, ठेकेदारों और नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की खुदाई शुरू करने से पहले CBuD ऐप का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म विभिन्न विभागों और उपयोगिता सेवा प्रदाताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सार्वजनिक अवसंरचना की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।कार्यशाला में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, हिमाचल प्रदेश लाइसेंस अथॉरिटी के निदेशक चंद्रभान यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
