Mandi, Dharamveer-:उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को मंडी शहर को ऊहल नदी से पेयजल उपलब्ध करवाने वाली महत्वाकांक्षी योजना की मुख्य पाइपलाइन का सकोर गांव के पास स्थल निरीक्षण किया। हाल ही में क्षेत्र में हुए भूस्खलनों से बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही इस पाइपलाइन के कारण शहर की जलापूर्ति बाधित हो रही थी। इसी समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से उप-मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को पाइपलाइन के सुरक्षित और टिकाऊ स्थिरीकरण के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को अधिकारियों ने अवगत करवाया कि इस वर्ष की भारी बरसात में सकोर गांव के समीप लगभग 300 मीटर क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है, जिसके कारण सड़क का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हुआ और मुख्य पाइपलाइन को स्थिर रखना चुनौतीपूर्ण बन गया है। लगातार टूट-फूट के चलते मरम्मत पर भारी खर्च हो रहा है और जल आपूर्ति भी प्रभावित होती रही है।समस्या के समाधान हेतु भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी की विशेषज्ञ टीम से स्थलीय निरीक्षण करवाया गया। टीम की सिफारिशों के आधार पर मुख्य पाइपलाइन का रिलाइनमेंट कार्य आरंभ कर दिया गया है। नए प्रस्ताव के अनुसार भूस्खलन प्रभावित हिस्से को पूरी तरह बाइपास करते हुए 450 मि.मी. व्यास की लगभग 970 मीटर लंबी नई ग्रैविटी मेन पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे न केवल निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी बल्कि बार-बार होने वाली क्षति और मरम्मत पर आने वाली लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
रियागड़ी से मंडी तक इस योजना के तहत प्रतिदिन 16 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति की जाती है, जो शहरवासियों की जल आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा पूरा करती है। उप-मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि लगभग 50 हजार से अधिक आबादी को जल उपलब्ध करवाने वाली इस योजना को हर मौसम में सुरक्षित रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विभाग को निर्देशित किया कि रिलाइनमेंट कार्य तेज़ी से पूर्ण किया जाए और भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी संरचनात्मक उपाय अपनाए जाएं।उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार शहरवासियों को बिना रुकावट पानी उपलब्ध करवाने के लिए हर संभव कदम उठाने को प्रतिबद्ध है।
