धर्मशाला, राहुल चावला-:केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश में वीरवार को “विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अकादमिक डीन प्रो. प्रदीप कुमार ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। आयोजन का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने देश में लागू हुई इमरजेंसी के 50 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में अपने विचार प्रस्तुत किए। युवाओं ने इमरजेंसी के दौरान हुई घटनाओं, उसके प्रभावों तथा उसके बाद देश में बने सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य का विश्लेषण किया। साथ ही वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अपनी परिकल्पनाएं भी साझा कीं।मुख्यातिथि प्रो. प्रदीप कुमार ने कहा कि यूथ पार्लियामेंट जैसे मंच युवाओं को अभिव्यक्ति का अवसर देने के साथ-साथ उनमें जिम्मेदारी और नेतृत्व के गुण विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम का आयोजन जिला कांगड़ा के मेरा युवा भारत कार्यालय द्वारा मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स के माध्यम से किया गया। जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवा दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करेंगे, जहां उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।
उपनिदेशक, मेरा युवा भारत कार्यालय जिला कांगड़ा, ध्रुव डोगरा ने बताया कि यूथ पार्लियामेंट के लिए 80 से अधिक युवाओं ने माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण किया था। विभिन्न विकास खंडों से आए प्रतिभागियों में से पांच सदस्यों की ज्यूरी द्वारा पांच युवाओं का चयन किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम मार्च माह में प्रदेश के राज्यपाल की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के विजन में युवाओं की अहम भूमिका है और यही युवा देश की “अमृत पीढ़ी” हैं।
