ब्यूरो,शिमला: हिमाचल के डीजीपी संजय कुंडू और ऊना के डीसी राघव शर्मा को वर्ष 2022 के लिए देश के टॉप 22 ब्यूरोक्रेट में शामिल किया गया हैं । हिमाचल के लिए यह गर्व की बात है की इन दोनों ही अधिकारियों को चेंज एजेंट ऑफ 2022 पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इन नौकरशाह को ब्यूरोक्रेट इंडिया संस्था ने समाज में बदलाव लाने वाले लोगों की सूची में शामिल किया हैं।
डीजीपी संजय कुंडू को जहां पुलिस विभाग में बेहतरीन तरीके से कार्य करने और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने सहित प्रशासनिक सेवाओं में बेहतर कार्य करने के लिए इस पुरस्कार के चुना गया हैं। तो वहीं हिमाचल काडर के 2013 बैच के आईएएस अधिकारी राघव शर्मा को उनकी प्रशासनिक क्षमता और समाजिक ढांचे में किए गए सुधार के लिए इस पुरस्कार लिए चयनित किया गया हैं।

डीजीपी संजय कुंडू का पुलिस विभाग ने किए गए इन सुधारों और कार्यों के लिए मिल रहा पुरस्कार
डीजीपी संजय कुंडू ने अपने कार्यकाल में पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर परिवर्तन किया हैं, जिसमें उन्होंने पुलिस विभाग में न्यूयॉर्क पुलिस विभाग की प्रसिद्ध ब्रोकन विंडो थ्योरी मॉडल अपना कर हिमाचल पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार किया हैं। इसके अलावा प्रदेश में नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के साथ ही न्यूयॉर्क पुलिस की कार्यशैली व तकनीक अपना कर हिमाचल में अपराधिक मामले सुलझाने के साथ ही अपने कार्यकाल में प्रदेश भर में 50 हजार सीसीटीवी कैमरा लगाने का कार्य किया हैं ।
इतना ही नहीं डीजीपी संजय कुंडू ने प्रदेश में एविडेंस बेस्ड एंड प्रिडिक्टिव पुलिसिंग का मॉडल लागू कर प्रदेश में अपराधी दर को कम करने की दिशा में बेहतरीन काम किया हैं। उन्होंने इस मॉडल को लागू कर हिमाचल में अपराधी कदर को 30 फ़ीसदी तक का कम कर दिया हैं।
राघव शर्मा को प्रशासनिक ओर समाजिक सुधार करने को लेकर मिल रहा पुरस्कार

वहीं चेंज एजेंट ऑफ 2022 के पुरस्कार के लिए जिस दूसरे नौकरशाह का नाम तय किया गया हैं उसमें आईएएस राघव शर्मा शामिल हैं। इन्हें डीसी ऊना के पद पर रहते हुए प्रशासनिक और सामाजिक ढांचे में सुधार के लिए किए गए कार्य कार्यों के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा हैं। राघव शर्मा शर्मा ने ना केवल प्रशासनिक कार्य में दक्षता दिखाई है बल्कि इन्होंने महिलाओं और बच्चों सहित किसानों को उन्नत बनाने की दिशा में भी बेहतरीन कार्य जिला में किया हैं।
राघव शर्मा ने प्रवासी बच्चों को बेहतर जीवन और शिक्षा मिल सके इस दिशा में बेहतरीन कार्य जिला में किया हैं। उन्होंने प्रवासी मजदूरों के बच्चों को शिक्षा मिल सके इसके लिए बने गैर आवासीय प्रशिक्षण स्कूलों को भी बदल दिया। बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके इसके लिए इन संस्थानों को बेहतर बनाया गया हैं। वहीं बच्चे यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें इसके लिए उपमंडल स्तर पर अनेकों पुस्तकालय खोलने की शुरुआत भी राघव शर्मा की ओर से की गई हैं।
वहीं डीसी ऊना राघव शर्मा ने जिला में किसानों की आय दुगनी की जा सके इसके लिए ड्रैगन फ्रूट की खेती को बल दिया हैं। ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा सके इसके लिए 2021 में उन्होंने प्रगतिशील किसानों के लिए कार्यशाला शुरू की। ड्रैगन फ्रूट की खेती को मनरेगा के तहत एक गतिविधि के रूप में उन्होंने जोड़ा हैं। यही वजह है कि वर्ष 2023 में ऊना विश्व बैंक की ओर से वित्त पोषित बागवानी विकास कार्यक्रम के तहत ड्रैगन फ्रूट प्रोसेसिंग फैक्ट्री के लिए चुना जाने वाला पहला जिला बन गया।
