राहुल चावला, धर्मशाला: धर्मशाला टूरिज्म और कल्चर की दृष्टि से अनूठा है। यहां पर कई विधाओं, भाषाओं सहित अन्य चीजों का भी भंडार है, जब इन पर रिसर्च होगी तो यह सभी चीजें जनता के सामने आएंगी, जिन्हें बहुत कम लोग वर्तमान में जानते हैं। यह बात धर्मशाला कॉलेज में आयोजित इंटरनेशनल कांफ्रेंस में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए सरदार वल्लभ भाई पटेल विश्वविद्यालय मंडी के वाइस चांसलर डॉ. डीडी शर्मा ने कही।
उन्होंने कहा इस तरह के आयोजनों से लोग प्रभावित होते हैं और रिसर्च की ओर आगे बढ़ते हैं। टूरिज्म, मैनेजमेंट, साइंसेज, ह्यूमैनिटी और सोशल साइंस पर आयोजित इंटरनेशनल कांफ्रेंस में डॉ. डीडी शर्मा ने उदाहरण के तौर पर कहा कि एचपीयू का हाल ही में रिजल्ट आया, जिसमें अधिकतर छात्रों का परिणाम अच्छा नहीं रहा है। ऐसे में अगर कॉलेजों की अपनी व्यवस्था होगी तो कॉलेज स्वयं जिम्मेवार होगा। रिजल्ट समय पर आएगा और कॉलेज अपने स्तर पर विषय भी शुरू कर सकेगें, जिससे स्थानीय क्षेत्र की चीजों व कला को प्रमोट किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ऑटोनोमस कॉलेज होगा तो स्थानीय छात्र भी कॉलेज सेजुड़कर खुद को गौरवान्वित महसूस करेंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 4 साल की ग्रेजुएशन की डिग्री होगी और ग्रेजुएशन के बाद स्टूडेंटस रिसर्च में जा सकेंगे। एमबीए, एमसीए, बीटेक के छात्र नए प्रयोग करने में सक्षम होंगे।
