विकास शर्मा, चिंतपूर्णी: प्रदेश के जिला ऊना में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में गुरुवार को भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ.पंकज ललित पहुंचे। यहां पहुंच कर उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ माता रानी के दर्शन करने के साथ ही मां के दरबार में माथा टेका। इस मौके पर चिंतपूर्णी मंदिर के पुजारी संदीप कालिया और सचिन कालिया ने विधिवत रूप से वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर पूजा-अर्चना करवाई और मां के दरबार में हाजिरी लगवाई।
दरबार में हाजिरी लगाने के बाद चिंतपूर्णी मंदिर परिसर में स्थित हवन कुंड में परिवार सहित उन्होंने आहुतियां डाली और सुख समृद्धि की कामना की। वहीं मंदिर न्यास चिंतपूर्णी की ओर से मंदिर अधिकारी बलवंत सिंह,वित्त एवं लेखाधिकारी शमी राज,सहायक मंदिर अधिकारी अशोक डोगरा मंदिर क्लर्क डीके भी इस दौरान विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मंदिर दर्शन करने के बाद मंदिर अधिकारी बलवंत सिंह ने माता की फोटो और चुनरी मुख्य अतिथि को भेंट स्वरूप दी। वहीं इसके बाद भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. पंकज ललित ने चिंतपूर्णी मंदिर में व्यवस्थाएं जांची और अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश दिए।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में शक्ति पीठ भाषा एवं संस्कृति विभाग के अधीन आते हैं। भाषा एवं संस्कृति विभाग का मंदिर की व्यवस्थाओं और संचालन में अहम रोल है। बीते रोज उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिले इसके लिए उच्च अधिकारियों के साथ ऊना में बैठक की थी। अब अधिकारियों के चिंतपूर्णी मंदिर में दौरे से कई वर्षों से लटकी हुई प्रसादम योजना के तहत चिंतपूर्णी मंदिर के विस्तारीकरण के प्रोजेक्ट के शुरू होने की आस जगी है क्योंकि उपमुख्यमंत्री मां चिंतपूर्णी के दरबार से गहरा लगाव है और यहां के विकास को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं।
