Shimla, Sanju-:संजौली मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में अब बयानबाज़ी और तेज़ हो गई है। ऑल हिमाचल मुस्लिम ऑर्गनाइजेशन द्वारा हाल ही में किए गए दावों का हिंदू संघर्ष समिति ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समिति के नेता विजय शर्मा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुस्लिम संगठन की ओर से प्रस्तुत किए गए तथ्य वास्तविकता से परे हैं। उनके अनुसार, प्रेसवार्ता में जिस तरह के दावे किए गए, वे “असत्य और गुमराह करने वाले” हैं।
विजय शर्मा ने आरोप लगाया कि संजौली मस्जिद मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार “एक खास पक्ष की स्क्रिप्ट” को आगे बढ़ा रही है और स्थानीय मुस्लिम नेता उसी के अनुसार बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी इस मसले पर कई राजनीतिक नेता सक्रिय रहे हैं। शर्मा का कहना है कि अदालत से मुस्लिम पक्ष के विरुद्ध कई बार फ़ैसले आ चुके हैं, बावजूद इसके “बरगलाने वाले बयान” दिए जा रहे हैं।
दूसरी ओर, ऑल हिमाचल मुस्लिम ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष नजाकत अली हाशमी ने शिमला में प्रेसवार्ता कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। हाशमी ने स्वीकार किया कि मस्जिद परिसर में निर्माण कार्य में कुछ प्रक्रियात्मक त्रुटियाँ अवश्य हुईं, लेकिन इसे “ग़ैरक़ानूनी निर्माण” कहना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष नगर निगम शिमला के आयुक्त से औपचारिक रूप से राहत मांगने जा रहा है। संगठन की योजना है कि नगर निगम को आवेदन देकर निर्माण को नियमित (लीगल) करने की अनुमति प्राप्त की जाए।दोनों पक्षों के विरोधाभासी दावों के चलते संजौली मस्जिद का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। जहां हिंदू संघर्ष समिति इसे न्यायालय आदेशों और कानून व्यवस्था का उल्लंघन मान रही है, वहीं मुस्लिम संगठन का तर्क है कि तकनीकी खामियों को दूर करके मस्जिद को विधि-सम्मत कराया जा सकता है। अब निगाहें नगर निगम और अदालत में होने वाली आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं।
