राहुल चावला,कांगड़ा: पोक्सो और मर्डर केस जैसे आपराधिक मामलों को सुलझाने में डीएनए की अहम भूमिका होती है। डीएनए से ऐसे आपराधिक मामलों में अपराधी तक पहुंचने में पुलिस को काफी मदद मिलती हैं। ऐसे में इस अहम सुराग को कैसे एकत्र करना है, इसकी देखरेख कैसे करनी है यह सब जानकारी आरएफएसएल धर्मशाला में आयोजित डीएनए वर्कशॉप में उपस्थित पुलिस अधिकारियों को दी गई।
वर्कशॉप के दौरान पुलिस अधिकारियों को यह ज्ञान दिया गया कि किस तरह से मौका-ए-वारदात से डीएनए को पहचानें, कैसे उसका रखरखाव करें, कैसे लिफ्ट किया जाए। किस तरह से डीएनए को लैब में भेजा जाए कि बेहतर रिजल्ट प्राप्त हो सकें। इस बारे में व्यापक तौर पर विशेषज्ञों की ओर से ट्रेनिंग में भाग ले रहे पुलिस ऑफिसर्स को जानकारी दी गई है।
रिजनल फारेंसिक साइंस लैब धर्मशाला की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. मीनाक्षी महाजन ने बताया की डीएनए को पुलिस पुख्ता सूबत के आधार पर देखती है। पोक्सो और मर्डर केस में डीएनए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी को देखते हुए इन दिनों आरएफएसएल धर्मशाला में प्रदेश के नॉर्थन रेंज के पुलिस अधिकारियों के लिए दो सप्ताह के ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान ट्रेनिंग के कोआर्डिनेटर डा. अश्वनी भारद्वाज ने सुझाव रखा था कि एक दिन डीएनए वर्कशॉप को डेडीकेट किया जाए, जिसके चलते सोमवार को डीएनए वर्कशॉप का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि डीएनए वर्कशॉप के दौरान डीएनए के संबंध में प्रतिभागी पुलिस ऑफिसर्स को विस्तृत जानकारी दी गई हैं।
