राहुल चावला, धर्मशाला(TSN): प्रतिबंधित दवाइयों के दुरुपयोग होने से रोकने के लिए ड्रग नियंत्रण विभाग जिला कांगड़ा ने धर्मशाला में केमिस्ट एसोसिएशन के साथ मिलकर जिला भर के दवा विक्रेताओं को जागरूक किया। धर्मशाला महाविद्यालय के सभागार में आयोजित इस समारोह के मुख्य अतिथि एएसपी कांगड़ा वीर बहादुर सिंह रहे समारोह के दौरान दवा विक्रेताओं ने प्रतिबंधित दवाइयां बेचने के संदर्भ में संदेह निवारण भी किया जिसमें ड्रग इंस्पेक्टर धर्मशाला मीनाक्षी जसवाल ओर ड्रग इंस्पेक्टर देहरा पारुल ठाकुर ने जिला भर के दवा विक्रेताओं का प्रतिबंधित दावों के रखरखाव को लेकर मार्गदर्शन किया।
जिला कांगड़ा के अतिरिक्त ड्रग नियंत्रक आशीष रैना ने विक्रेताओं को प्रतिबंधित दवाइयों के उचित रखरखाव का आवाह्न किया ताकि जिला में बढ़ते हुए न+शे के मामलों पर लगाम लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि दवा विक्रेता समाज में एक अहम रोल अदा करता है ओर समाज में न+शे से लड़ने के लिए भी दवा विक्रेताओं का आगे आना बेहद जरूरी हैं।
समारोह के दौरान एएसपी कांगड़ा वीर बहादुर सिंह ने प्रतिबंधित दवाइयों के संदर्भ में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि जिला भर के दवा विक्रेता एक ही मंच पर इकट्ठा होकर अपने व्यवहारिक मसलों पर चर्चा कर रहे हैं। प्रतिबंधित दवाइयों के दुरुपयोग करने पर दावा विक्रेताओं पर होने वाली कानूनी कार्रवाई पर भी एएसपी वीर बहादुर ने प्रकाश डाला।
हिमाचल में बढ़ते न+शे के कारण युवा कैप्सूल ओर साइकॉट्रॉपिक दवाइयों की तरफ बढ़ रहा है जिसमें दवा विक्रेताओं की भूमिका हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की पर्ची पर सही व्यक्ति को सही दवाई देकर वह अपने कर्तव्य का निर्वहन करें। उन्होंने कहा की दवा विक्रेता की ओर से नियमों के उल्लंघन करने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान हैं।
इस मौके पर दवा विक्रेताओं को शेड्यूल एच 1 रजिस्टर भी दिए गए जिसमें प्रतिबंधित दवाइयों का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर दवा विक्रेता को ड्रग नियंत्रण विभाग की ओर से कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता हैं। उन्होंने कहा कि इस मुहिम में प्रशासन हमेशा उनके साथ खड़ा हैं। सभागार में मौजूद केमिस्ट संगठन ओर दवा विक्रेताओं ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए नशे के उन्मूलन के लिए प्रण लिया हैं। इस समारोह में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के विभिन्न पद अधिकारी भी मौजूद रहे।
