हिमाचल (एकता): देश के 11वें राष्ट्रपति और मिसाइल मैन के नाम से मशहूर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की आज 91वीं जयंती है। हर साल 15 अक्तूबर को छात्रों और शिक्षा के प्रति डॉ. कलाम के प्रयासों के कारण ही उन्हें सम्मान देने के लिए इस दिन विश्व छात्र दिवस मनाते हैं। एपीजे अब्दुल कलाम दुनियाभर में मिसाइल मैन के नाम से जाने जाते हैं। एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा नाम अवुल पकिर जैनुल्लाब्दीन अब्दुल कलाम था, वह देश के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे। उनका जन्म 15 अक्तूबर, 1931 रामेश्वरम में हुआ था और मृत्यु 27 जुलाई, 2015 मेघालय के शिलांग में हुई थी। आज पीएम मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने डॉक्टर कलाम को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। आइए जानिए अब्दुल कलाम की जीवनी के बारे में।

अब्दुल कलाम क्यों प्रसिद्ध है?
अब्दुल कलाम को भारत के मिसाइल मैन के रूप में जाना जाता है। उन्होंने 1998 में भारत के पोखरण-द्वितीय परमाणु परीक्षणों में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक, तकनीकी और राजनीतिक भूमिका निभाई। राष्ट्रपति होने के साथ सादगी से जीवन जीने के लिए भी जाने गए। पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, नाग व आकाश नामक मिसाइलें बनाई थीं।

अब्दुल कलाम कब बने भारत के राष्ट्रपति
18 जुलाई 2002 को डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की और 25 जुलाई, 2007 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। 2002 से 2007 तक भारत के 11 वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया, और उन्हें व्यापक रूप से ‘पीपुल्स प्रेसिडेंट’ के रूप में जाना जाता था।

डॉ कलाम को कौन से पुरस्कार मिले?
डॉ कलाम को राष्ट्रपति बनने से पहले भारत रत्न का पुरस्कार मिल चुका है। अब्दुल कलाम 13 भाषाएं जानते हैं। वह भारत के पहले राष्ट्रपति थे जो कुंवारे और शाकाहारी थे। अब्दुल कलाम के पास 48 डॉक्टरेट हैं जो हैरान करने वाले हैं।

डॉ कलाम के अनमोल वचन
– सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते.
– महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं.
– भगवान ने हमारे मस्तिष्क और व्यक्तित्व में असीमित शक्तियां और क्षमताएं दी हैं. ईश्वर की प्रार्थना हमें इन शक्तियों को विकसित करने में मदद करती है.
– शिखर तक पहुंचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउंट एवरेस्ट का शिखर हो या आपका पेशा.
– यदि हम स्वतंत्र नहीं तो कोई हमारा आदर नहीं करेगा.
– आइये हम अपने आज का बलिदान कर दें ताकि हमारे बच्चों का कल बेहतर हो सके.
– आकाश की तरफ देखिए हम अकेले नहीं हैं, सारा ब्रह्मांड हमारे लिए अनुकूल है और जो सपने देखते हैं और मेहनत करते हैं उन्हें प्रतिफल देने की साजिश करता है.
– इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये जरूरी है. Also Read – डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती आज, उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने इस तरह किया याद
