अरविंदर सिंह,हमीरपुर: प्रदेश में जेओए आईटी पेपर लीक मामले के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर दिया गया हैं। सरकार ने कड़ा फ़ैसला लेते हुए आयोग को तो बंद कर दिया लेकिन इस आयोग में कार्यरत कर्मचारियों की सुध लेना सरकार शायद भूल गई हैं। आयोग के मौजूदा कर्मचारी इस दौरान आर्थिक तंगहाली से गुजर रहे हैं। 2 माह के करीब समय हो गया हैं इन कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है जिसके चलते अब परिवार का गुजर-बसर करना भी इनके लिए मुश्किल हो चुका हैं।
मंगलवार को इन कर्मचारियों ने आयोग के दफ्तर के बाहर इकट्ठे होकर मीडिया के समक्ष अपनी परेशानी सांझा की। यह कर्मचारी आयोग के दफ्तर के सामने जंगल में बैठकर रोजाना आकर दिन काट रहे हैं और पिछले 2 महीनों से वेतन नहीं मिला है ना ही सरकार यह बता रही है कि उनके भविष्य का क्या होगा । चयन आयोग कार्यालय के बाहर बैठे कर्मचारियों ने सरकार से गुहार लगाई हैं कि उन्हें इस समस्या से बाहर निकाला जाए। जल्द से जल्द उनका वेतन जारी किया जाए। इसके साथ ही उनके भविष्य का क्या होना हैं इस बात को भी जल्द तय किया जाए ताकि उन्हें कोई राहत मिल सके ।
हालत यह है कि जो कर्मचारी पिछले 2 माह में इस आयोग से रिटायर हुए हैं उनका भी कुछ भुगतान नहीं किया जा रहा हैं। इनकी हालात कितनी खराब हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस आयोग में काम करने वाले एक कर्मचारी के घर में परिवारिक सदस्य का हाल ही में निधन हुआ है और मुसीबत की इस घड़ी में उसे पैसों की सख्त जरूरत है लेकिन बावजूद इसके उसका प्रोविडेंट फंड जरूरत पर नहीं निकल पा रहा हैं।
बता दें की। 21 फरवरी 2023 को आयोग के दफ्तर पर ताला लगा देने के बाद कर्मचारियों को यहां ना आने के लिए कहा गया था, लेकिन कर्मचारी रोजाना दफ्तर के गेट के पास आते हैं कि कोई ना कोई फैसला हो जाएगा और कोई उनकी समस्या को समझेगा इस बात की उम्मीद लगाए हुए थे। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि कुछ लोगों की गलती का खामियाजा उन सब लोगों को बेवजह मानसिक और आर्थिक रुप से भुगतना पड़ रहा हैं।
आयोग कर्मचारी संघ के महासचिव जोगिंद्र ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिछले 2 महीनों से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला हैं। परिवार का गुजर बसर करना उनके लिए मुश्किल हो गया हैं। इन दिनों अब स्कूल कॉलेजों में एडमिशन का समय हैं, ऐसे में वेतन न मिलने से अपने बच्चों की एडमिशन कैसे करवाएंगे यही समस्या उन्हें खाए जा रही हैं । उन्होंने बताया कि एक कर्मचारी को अपना जीपीएफ निकलवाना है लेकिन वह भी नहीं निकल रहा हैं।
जो कर्मचारी रिटायर हुए हैं उनको भी उनके अब आखरी ड्यू नहीं मिल पा रहे हैं । आयोग के 61 कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा हैं। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें इस समस्या से उन्हें बाहर निकाला जाए और जल्द से जल्द उनका वेतन जारी किया जाए। उन्होंने कहा हैं कि सरकार उनके भविष्य का क्या होना है इस बात को लेकर भी स्थिति को जल्द से जल्द सपष्ट करें ताकि उन्हें कोई राहत मिल सके।
