शिमला/कमल भारद्वाज: राजधानी शिमला के एयरपोर्ट जुब्बारहट्टी के 87 वर्षीय बुजुर्ग मेद राम राजधानी शिमला के बाज़ारों में फूल बेचते दिखाई देते है। उनके दो बेटे बहुए और पोता-पोती होने के बावजूद भी काम करने का जुनून अभी तक खत्म नहीं हुआ है।

मेद राम का कहना है कि बचपन के बाद जबसे होश सम्भाला है तबसे राजधानी शिमला में आकर फूल फल सब्जियां बेचते है और शिमला के अधिकतर व्यापारी उन से भली-भांति परिचित है और सभी व्यापारियों से परिवार जैसा लागता है।

उन्होंने कहा कि वे धन-धान्य से पूरी तरह परिपूर्ण है, लेकिन उनसे बिना काम किए रहा नहीं जाता और जब-जब वो घर पर जाकर बोर हो जाते हैं तो थैले में फूल भरकर राजधानी की ओर चल देते हैं। ऐसे में घूमना भी हो जाता है और दिहाड़ी भी लग जाती है।
