राहुल चावला,मैक्लोडगंज: बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा से फ्रांस के चार सदस्यीय सीनेट के प्रतिनिधिमंडल ने मैक्लोडगंज में मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने प्रतिनिधिमंडल से विश्व की शांति और विश्व में पैदा हुए भेदभाव को किस तरह से और किस आधार पर दूर किया जा सकता है इसे लेकर विचार-विमर्श किया। दलाईलामा ने कहा कि मुल्क और मजहब के आधार पर पैदा हुए भेदभाव दुनिया के लिए बड़ा खतरा हैं। उन्होंने कहा कि दया और करुणा का भाव हमें जन्म के साथ स्वभाव वश ही मिला हैं। मगर स्कूल में दाखिला लेने के साथ ही हममें हमारा मुल्क उनका मुल्क, हमारा मजहब उनका मजहब का भेदभाव पैदा होने लगता हैं। दुनिया में मुसीबतें पैदा करने का यह बड़ा कारण हैं।
दलाईलामा ने कहा कि हम सबको मिलकर विचार करना होगा कि किस प्रकार से एक स्वाभाविक रूप से शांतिपूर्ण विश्व का निर्माण कर सकते हैं। सिर्फ मेरा ही मुल्क या मेरा ही मजहब जैसी संकीर्ण मानसिकता ही आज की तमाम समस्याओं की जड़ है। ऐसे में आज समय आ गया है कि हम केवल मानवता के बारे में सोचें। उन्होंने कहा कि सुबह उठने के साथ ही मेरे मन में आठ अरब लोगों की खुशी का विचार आता हैं। हम सभी को खुश जिंदगी चाहिए। इसके लिए सबको मिलकर प्रयास भी करने होंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को सुबह धर्मगुरु दलाईलामा के साथ मुलाकात की हैं। मैक्लोडगंज दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल में सीनेटर जैकलीन यूस्टैच-ब्रिनियो, सीनेटर एल्स जोसेफ, सीनेटर ओलिवियर रीटमैन और सीनेट में सिविल सर्वेंट थिएरी मुनियर शामिल थे। प्रतिनिधियों ने विभिन्न तिब्बती शैक्षिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक संस्थानों का दौरा भी किया।
