संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में गुरुवार सुबह आग लगने की घटना पेश आई हैं। यहां आग लगने से अचानक अफ़रतफ़री मच गई। यह आग आईजीएमसी में बनी नई ओपीडी के टॉप फ्लोर में बनी कैंटीन में लगी, जिसने देखते ही देखते पूरी मंजिल को राख के ढेर में तब्दील कर दिया। सूचना मिलने के बाद अग्निशमन की टीम मौके पर पहुंची ओर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। गनीमत यह रही की भीड़भाड़ वाले अस्पताल में इस तरह के अग्निकांड से किसी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ हैं लेकिन आग से 50 से 60 लाख रुपए के नुकसान का शुरुआती आंकलन किया गया हैं।
अग्निशमन विभाग के चीफ फायर ऑफिसर महेश ने बताया कि सुबह जब कैंटीन बॉय उठा और उसने गैस जलाने की कोशिश की तो अचानक से आग भड़क गई और दो सिलेंडर फटने से पूरी मंजिल में आग लग गई। लकड़ी से बना एटिक जलकर राख हो गया, फिलहाल अग्निशमन विभाग ने आग पर काबू पा लिया हैं। 50 से 60 लाख के शुरुआती नुकसान का आंकलन किया गया हैं।
अग्निशमन विभाग की मुस्तेदी से 10 करोड़ की संपत्ति को बचाया गया हैं। IGMC के सुरक्षा कर्मियों ने भी आग बुझाने में मदद की। 1 माह पहले ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आईजीएमसी में इस ओपीडी भवन का उद्घाटन किया था।
