अनिल कुमार,किन्नौर: किन्नौर जिला के अलग-अलग क्षेत्रों के जंगलों में लग रही आग से लाखों की वन संपदा जलकर राख हो रही है। सर्दियों के दिनों में भी जिला में जंगल आग की भेंट चढ़ रहे हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए ग्रामीणों के साथ ही अग्निशमन विभाग भी प्रयास में लगा हुआ है। ताजा मामले के तहत किन्नौर जिला के
निचार ग्राम पंचायत के जंगलों में आगजनी की घटना सामने आई हैं।
निचार ग्राम पंचायत के जंगलों में आगजनी की घटना से जंगलों में देवदार के पेड़, चिलगोजे और अन्य कई पौधे भी आग से झुलस गए हैं। जंगलों में लगी इस आग को बुझाने का ग्रामीण अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आग की लपटे जंगल के बड़े हिस्से में फैल चुकी है, जिसके चलते ग्रामीणों को आग बुझाने में समस्या आ रही हैं।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने अग्निशमन विभाग के साथ ही जिला प्रशासन को भी जंगलों में आग लगने की सूचना दी है। निचार पंचायत के जंगल के जिस हिस्से में आग सुलग रही है उस जगह पर सड़क सुविधा नहीं होने से दमकल विभाग को वहां तक पहुंचना आसान नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों, वन विभाग व दमकल विभाग के कर्मचारियों को पैदल चलकर आग पर काबू पाने के लिए जाना पड़ेगा जिसमें थोड़ा समय लगेगा ।
बता दें कि इन दिनों जिला में काफी सूखा पड़ा हुआ है, ऐसे मे जंगल में थोड़ी भी आग सुलग जाए तो आगजनी की बड़ी घटना हो जाती है। फिलहाल निचार के जंगलों में आग कैसे लगी उस बारे मे पता नहीं चल पाया हैं, लेकिन आग की लपटे फैलती जा रही है जो जंगल के बड़े हिस्से को तबाह कर सकता हैं।
इससे पहले भी जिला के चगांव, यूला, उरणी गांव के जंगलों में आगजनी की घटना सामने आई थी जिसमें लाखों की वन संपदा जलकर राख़ हुई थी। लंबे समय के बाद बीते शनिवार को तीनों इलाकों के जंगलों में लगी आग़ बुझा दी गई हैं, लेकिन अब निचार के जंगलों मे लगी आग़ ने प्रशासन व ग्रामीणों की नींद उड़ा रखी हैं।
