संजु चौधरी,शिमला: तिब्बतियों के 14वें आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद बौद्ध धर्म के लोगों विरोध पर उतर आए हैं । बौद्ध धर्म के लोगों की ओर से इसे एक साजिश करार दिया गया है और आरोप लगाए जा रहे हैं कि यहां सब बहुत धर्मगुरु दलाई लामा को बदनाम है करने और उनकी छवि को बिगाड़ने को लेकर रची गयी साजिश हैं। हालांकि इसे लेकर दलाई लामा की ओर से एक आधिकारिक बयान भी जारी किया गया है जिसमें दलाई लामा ने बच्चे और उसके परिवार वालों से माफी मांगी। दलाई लामा ने अपने शब्दों के लिए क्षमा याचना की है लेकिन अब बौद्ध समुदाय के लोगों में इसको लेकर काफी रोष हैं।
उनका कहना है कि इस वीडियो को साजिश के तहत गलत तरीके से पेश किया जा रहा हैं। यहां दलाई लामा के खिलाफ साजिश रची जा रही हैं जिसमें चीन व अन्य ताकतें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ वह सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगें। वहीं लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि दलाई लामा को बदनाम करने की कोशिश की जा रही हैं। टीआरपी के लिए सोशल मीडिया में इसे वायरल किया गया हैं।
उन्होंने कहा कि दलाई लामा के कार्यालय धर्मशाला से अनुमति के बाद वह इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। यह चीन की साजिश हैं। भारत की सीमा चीन से नहीं बल्कि तिब्बत से लगती है इसलिए इस तरह की साजिश चीन की ओर से यहां धर्म गुरु दलाई लामा को लेकर रची जा रही हैं।
