सोलन : योगेश शर्मा- गर्मी का सीजन शुरू हो चुका हैं और गर्मियों में जंगलों में आग लगने का सीजन भी शुरू होने वाला है। इस बार कम बारिश के चलते सूखे की मार जंगलों तक भी पहुंची है। ऐसे में कम बारिश के चलते जंगलों में आग लगने की आशंका भी वन विभाग द्वारा इस बार अधिक जताई जा रही है। इसको देखते हुए वन विभाग सोलन ने भी पूरी तैयारियां कर ली है।
आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए वन विभाग सोलन द्वारा चीड़ पतियों को सड़क किनारे हिस्सों से हटाया जा रहा है ,ताकि आग जंगलों तक ना पहुंचे। क्योंकि सोलन का अधिकांश जंगल चीड़ के पेड़ों से घिरा हुआ है । ऐसे में आग लगने का ज्यादा खतरा इन पेड़ों से ही होता है। डीएफओ सोलन कुणाल अंगरिश ने बताया की एक अप्रैल से फॉरेस्ट का फायर का सीजन स्टार्ट हो गया है। ऐसे में इसको लेकर जंगलों में फायर लाइन को व्यवस्थित किया जा रहा है और सड़क पर कही चीड़ के पते गिरे हो तो उन्हें हटाकर जलाते हुए सड़क को साफ किया जा रहा है।
सेटेलाइट अलर्ट सिस्टम देगा आगज़नी की घटना की सूचना
वहीं दूसरी तरफ यदि आगजनी की घटनाएं सामने आती है तो सेटेलाइट के माध्यम से भी वन विभाग के कर्मचारियों को इसके बारे में पता लग जाता है। उन्होंने बताया कि सेटेलाइट के अलर्ट सिस्टम के माध्यम से वन विभाग के सभी कर्मचारियों को आग लगने की सूचना मिल जाती है । ऐसे में वन विभाग के अधिकारी मौके पर तुरंत पहुंच जाते हैं।
आगजनी की घटनाओं से जंगलों के बचाने में लोगों का सहयोग महत्वपूर्ण
डीएफओ सोलन कुणाल अंगरिश ने बताया कि फायर विभाग की हर बीट में फायर वाचर भी विभाग द्वारा नियुक्त किए जाते हैं , जो इन सब आगजनी की घटनाओं पर नजर बनाए रखते हैं। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें आगजनी की घटनाओं के बारे में पता लगता है तो वह विभाग को इस बारे में सूचित करें और वन संपदा को बचाने में विभाग का साथ दें।
