संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश कांग्रेस सरकार की ओर से पूर्व भाजपा सरकार के समय में खोले गए संस्थानों और कार्यालयों को डी नोटिफाई करने का विरोध भाजपा की ओर से जताया जा रहा हैं। भाजपा लगातार इस फ़ैसले को लेकर अपना विरोध जता रही हैं। जगह-जगह प्रदर्शन ओर बयानबाजी भी भाजपा की ओर से इस फ़ैसले के विरोध में की जा रही हैं। वहीं अब भाजपा के इस विरोध पर कांग्रेस की ओर से पलटवार किया गया हैं।
कांग्रेस सरकार के तीन विधायकों में हर्ष वर्धन चौहान, अनिरुद्ध सिंह और रोहित ठाकुर ने संयुक्त पत्रकार वार्ता कर कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार ने अंतिम 6 महीनों में 900 के करीब संस्थान बिना किसी बजट प्रावधान के संस्थान खोल दिए गए। वित्त विभाग की आपत्ति के बावजूद संस्थानों को खोला गया।
हर्ष वर्धन ने कहा कि संस्थानों को खोलने के लिए कुछ पैरा मीटर होते हैं, जिन्हें दरकिनार करके राजनीतिक लाभ लेने के मकसद गौशाला में भी संस्थान खोल दिए। उन्होंने कहा की 75 हजार करोड़ का कर्ज पूर्व की सरकार प्रदेश के लोगों पर छोड़ कर सत्ता से बाहर गई हैं। बिजली विभाग, एचआरटीसी घाटे में हैं। तनख्वाह देने के पैसे तक नहीं हैं। प्रदेश की कांग्रेस सरकार व्यवस्था परिवर्तन के लिए सत्ता में आई है और पेपर लीक होने की प्रथा पिछली सरकार से शुरू हुई लेकिन सुक्खू सरकार ने पेपर लीक माफिया पर शिकंजा कसते हुए परीक्षा होने से पहले ही पेपर लीक करने वालों पकड़ लिया हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार सभी संस्थानों को रिव्यु करेगी और जहां जरूरत होगी वहां संस्थान बजट के प्रावधान के साथ खोले जाएंगे। वहीं कैबिनेट का भी जल्द विस्तार किया जाएगा और सभी वादे पूरे किए जाएंगे।
