बिलासपुर : सुभाष ठाकुर – पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर ने खेलो इंडिया के तहत पहले से विकसित खेलों के आधारभूत ढांचे पर कब्जा किए जाने की नीति पर कड़ा प्रहार किया है और सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि पूर्व में रही वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में उनके खेल मंत्री रहते हुए बिलासपुर के लुहणू मैदान में एक बड़ा एवं एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स कांपलेक्स विकसित किया गया है । जिसे आज खेल हब के नाम से जाना जाता है, लेकिन खेलो इंडिया के अतिक्रमण से इसकी साख दांव पर लग गई है ।
कहलूर परिसर पर खतरे के बादल मंडराते नजर आ रहे
पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर ने कहा कि खेलो इंडिया के संचालकों को लुहणू स्थित स्पोर्ट्स कांपलेक्स से छेड़छाड़ न किए जाने की सलाह दी है और बिलासपुर के लोगों से एकजुट होकर स्पोर्ट्स ढांचे को बचाने के लिए आगे आने की अपील भी की है। बुधवार को यहां सर्किटहाऊस बिलासपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व मंत्री राम लाल ने कहा कि खेलो इंडिया में खेल विभाग भी शामिल किया गया है और अधिकारी व कोच भी अब इसके अधीन कार्य करेंगे। लेकिन खेलो इंडिया के संचालकों को सलाह है कि वे पहले से संचालित खेल केंद्रों से छेड़छाड़ न करें और प्रदेश में अपने स्तर पर अपने खेलो इंडिया के केंद्र स्थापित करें ताकि खिलाडिय़ों को उसका अलग से लाभ मिल सके। जिलों व प्रदेश से निकलकर खिलाड़ी ओलंपिक व विश्व स्तरीय खेलों तक पहुंचते हैं। आगामी लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर प्रदेश के खेल केंद्रों से छेड़छाड़ की जा रही है जो गलत है। बिलासपुर के लोग अगर एकजुट नहीं हुए तो कहलूर परिसर पर खतरे के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं जो बिलासपुर के खिलाडिय़ों के साथ किसी बड़े अन्याय से कम नहीं होगा।
स्पोर्ट्स इंफ्रॉस्ट्रक्चर किया जाए विकसित
प्रदेश के स्पोर्टस केंद्रों पर हो रहे खेलों इंडिया के अतिक्रमण को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए रामलाल ठाकुर ने कहा कि इन स्पोर्टस केंद्रों के लिए उन्होंने 1992-93 में करीब तीन दशक पहले भाखड़ा गांव में जाकर धरना दिया था और कहा था कि हमारा सांढू का मैदान चला गया है और इस झील ने हमें कुछ नहीं दिया। उस समय बीबीएमबी हमारी मांगों पर गौर करते हुए बिलासपुर के युवक व युवतियों के लिए यहां पर जमीन दी थी, जिसमें आज कहलूर स्टेडियम बना है। वीरभद्र सरकार में खेल मंत्री रहते हुए उन्होंने बिलासपुर देश का पहला कबड्डी स्टेडियम बनाया था। उसके बाद यहां वाटर स्पोर्टस होस्टल, इंडोर स्टेडियम, क्रिकेट स्टेडियम सहित हॉकी खेल मैदान विकसित किए गए। अब हैरानी की बात यह है कि खेलो इंडिया इन सभी पर अतिक्रमण कर रही है। हॉकी मैदान में एस्ट्रोटर्फ बिछाने के लिए मैदान को छोटा मानते हुए ईस्ट बेस्ट में बनाए जाने के लिए पैवेलियन को हटाने की बातें सामने आ रही हैं। जो कि सही नहीं है। क्योंकि हॉकी मैदान जब विकसित किया गया था तो निर्धारित मानकों के तहत ही बनाया था। इसके बाद देश का पहला साई होस्टल बिलासपुर में खोला गया था। जिसके 6 पुरूष खिलाड़ी और 7 महिला खिलाड़ी इंटरनेशनल खेल चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह खेलो इंडिया के विरोधी नहीं है लेकिन अलग से स्पोर्ट्स इंफ्रॉस्ट्रक्चर विकसित किया जाए और पहले से बने स्ट्रक्चर से छेड़छाड़ न की जाए।
