Shimla, 31 January-:मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे सभी पात्र परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल करने के उद्देश्य से बीपीएल सर्वेक्षण का चौथा चरण 1 फरवरी, 2026 से आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने यह निर्देश आज यहां ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीपीएल सर्वेक्षण कुल पांच चरणों में सम्पन्न किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र और जरूरतमंद परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के पहले तीन चरणों में प्रदेश भर में 59,829 परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल किया जा चुका है।जिलेवार आंकड़ों का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि बिलासपुर में 2,204, चंबा में 13,786, हमीरपुर में 3,480, कांगड़ा में 10,807, किन्नौर में 1,109, कुल्लू में 2,957, लाहौल-स्पीति में 206, मंडी में 12,045, शिमला में 4,522, सिरमौर में 1,277, सोलन में 1,567 तथा ऊना में 5,869 परिवारों को बीपीएल घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा बीपीएल सूची में शामिल किए जाने के लिए स्पष्ट पात्रता मानदंड तय किए गए हैं। इनमें 27 वर्ष तक के अनाथ बच्चे, 59 वर्ष से अधिक आयु के सदस्य, 27 से 59 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग सदस्य, महिला मुखिया वाले परिवार जिनमें कोई वयस्क पुरुष सदस्य न हो, तथा 50 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले मुखिया के परिवार शामिल हैं।इसके अतिरिक्त, ऐसे परिवार जिन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के अंतर्गत कम से कम 100 दिन कार्य किया हो, अथवा जिनके कमाने वाले सदस्य कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसन, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हों, उन्हें भी बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि आवास योजनाओं के तहत सहायता प्राप्त कर पक्का मकान बनाने वाले परिवारों को भी बीपीएल सूची में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विधायक चंद्रशेखर, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव अमरजीत सिंह, निदेशक राकेश प्रजापति तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
