अरविंदर सिंह: प्रदेश में जब कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की बात होती है तो उसमें एक नाम सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेंद्र राणा का भी शामिल होता है। भाजपा से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले राजेंद्र राणा राजनीति में अपने ही गुरु प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल को हराकर राजनीति के क्षेत्र में चमके और यहीं से उनके असल राजनीतिक सफर की शुरुआत भी हुई।
राजेंद्र राणा हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले 13 वीं हिमाचल प्रदेश विधान सभा (एमएलए) के सदस्य हैं। विधानसभा चुनावों में भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रो. प्रेम कुमार धूमल को 1919 मतों के अंतर से हराने के बाद देश व प्रदेश की राजनीतिक सुर्खियों में आए थे और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पद पर है ।
राजेंद्र राणा का जन्म 6 अप्रैल 1966 को गांव पटलन्दर तहसील सुजानपुर जिला हमीरपुर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय सुख राम जी एक किसान थे और माता स्वर्गीय रोशनी देवी जी एक गृहिणी थीं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने पैतृक गांव से पूरी की और बाद में 1986 में पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
स्नातक की डिग्री पूरी करने के बाद राजेंद्र राणा ने सरकारी नौकरी की। नौकरी से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया।
राजेंद्र राणा वर्ष 2003 से 2009 तक धूमल के साथ रहे थे, और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता के रूप में भी उन्होंने काम किया मगर 2009 में उनसे अलग हो गए। राणा को 2012 चुनाव में सुजानपुर से भाजपा का टिकट नहीं मिला और वो निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे और 14 हजार के भारी अंतर से जीत दर्ज की। 2012 में प्रदेश में वीरभद्र सरकार के एसोसिएट सदस्य के रूप में समर्थन दिया। राणा की तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ बेहतर रिश्तो के चलते उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और लोकसभा चुनाव 2014 में कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा इस दौरान राणा को अनुराग ठाकुर के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा । वीरभद्र सिंह सरकार ने वर्ष 2014 से 2017 तक उन्हें हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन समिति का उपाध्यक्ष के पद पर नवाजा । वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में सुजानपुर से कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में उन्होंने चुनाव लड़कर भाजपा के मुख्यमंत्री चेहरे प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल को हराकर कांग्रेस में अपनी पकड़ मजबूत किया।
राजेंद्र राणा की कांग्रेस में अच्छी पकड़ के चलते उन्हें सोलन नगर निगम चुनाव का कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने पार्टी को जीत दिलाकर सोलन नगर निगम में परचम लहराया था। उसके उपरांत राजेंद्र राणा को फतेहपुर सीट पर हुए उपचुनाव में भी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया जहां उन्होंने लोहा मनवाते हुए इस सीट पर भी कांग्रेस प्रत्याशी को जीत दिलवाने में अहम भूमिका अदा की। पार्टी के आला नेताओं से अच्छे संबंधों और क्षेत्र में अच्छी पकड़ के चलते उन्हें 2022 में कांग्रेस पार्टी का प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया।
प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों में राजेंद्र राणा की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष होने के अलावा राजेंद्र राणा विभिन्न संगठनात्मक कार्यों में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे साथ ही विभिन्न चुनाव क्षेत्रों में प्रचार का जिम्मा भी संभालेंगे। अब देखना यह भी दिलचस्प होगा कि प्रदेश की 8 सीट में से एक सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र सीट पर भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को अपना उम्मीदवार बनाती है और एक बार फिर से प्रदेश में गुरु और चेले के बीच चुनावी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है या नहीं।
राजेंद्र राणा का बेटा भी राजनीति में है सक्रिय
राजेंद्र राणा ने अनीता राणा से शादी की, वह एक गृहिणी हैं। उसके दो बच्चे हैं। बेटे अभिषेक राणा ने कानून में स्नातक की डिग्री पूरी कर ली है, वह राजनीति में सक्रिय है और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लिए सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष के रूप में पार्टी की सेवा कर रहा है, और बेटी एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन और बैचलर ऑफ मेडिसिन) में मेडिकल डिग्री हासिल कर रही है। शल्य चिकित्सा में।
समाजिक क्षेत्र में भी संस्था बना कर कर रहे समाज कल्याण के लिए काम
राजेंद्र राणा ने वर्ष 2002 में समाजिक क्षेत्र में लोगों की मदद के लिए सर्व कल्याणकारी संस्था का गठन किया और वर्तमान में राणा सर्व कल्याणकारी संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और उन्होंने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के अलावा अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी महिला मंडलों युवक मंडलों को आर्थिक सहायता देने के अलावा सशक्त करने के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाएं हैं। इसी संस्था के माध्यम से विधायक राजेंद्र राणा हर वर्ष हिमाचल गौरव और हिमाचल केसरी सम्मान समारोह का भी आयोजन करते आए है, जिसमें हिमाचल का गौरव बढ़ाने वाले विभिन्न विभूतियों को सम्मानित किया जाता है।
