राहुल चावला , धर्मशाला: एनर्जी ट्रांजिशन के लिए ईको-इनोवेशन पर जी 20 रिसर्च इनोवेशन एंड इनिशिएटिव गैदरिंग (आरआईआईजी) सम्मेलन बुधवार को धर्मशाला में संपन्न हुआ। इस दौरान विशिष्ट विषयगत क्षेत्रों पर जी 20 सदस्यों के बीच सहयोग पर चर्चा की गई। सम्मेलन में सतत एनर्जी ट्रांजिशन के लिए जी 20 देशों की सर्वोत्तम प्रथाओं और नीति मॉडल को सांझा करने पर विचार-विमर्श किया गया।
डीएसटी के सचिव और जी 20-आरआईआईजी के अध्यक्ष डॉ. श्रीवारी चंद्रशेखर ने बैठक में प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि हम अपने अस्तित्व में एक महत्वपूर्ण क्षण में हैं जहां हमें जीवाश्म ईंधन खपत से दूर परिवर्तन को प्राथमिकता देनी चाहिए। अक्षय ऊर्जा के दोहन की क्षमता हमारी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है, लेकिन इसे बड़े पैमाने पर कैप्चर करने, परिवर्तित करने और संग्रहीत करने के लिए एक विशाल प्रयास की आवश्यकता है जिसे एक साथ काम करके पूरा किया जा सकता है।
सम्मेलन में कुल 29 विदेशी प्रतिनिधियों और 30 भारतीय विशेषज्ञों और भारत सरकार के विभिन्न वैज्ञानिक विभागों/संगठनों से आमंत्रित लोगों ने भाग लिया। आरआईआईजी बैठकें 5 जुलाई 2023 को मुंबई में आरआईआईजी शिखर सम्मेलन और अनुसंधान मंत्रियों की बैठक के साथ समाप्त होंगी और जी 20 सदस्यों की ओर से संयुक्त घोषणा को अपनाया जाएगा।
