Mandi,Dharamveer-लारजी डैम की फ्लशिंग प्रक्रिया के चलते पंडोह डैम के पांचों गेट खोल दिए गए हैं, जिससे ब्यास नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) प्रबंधन के अनुसार, डैम में 36,000 क्यूसेक प्रति सेकेंड पानी आ रहा है, जिसमें से 34,000 क्यूसेक पानी ब्यास नदी में छोड़ा जा रहा है।वहीं, बिग्गी सुरंग के माध्यम से मात्र 2,000 क्यूसेक पानी ही बाहर निकाला जा रहा है।
फ्लशिंग की यह प्रक्रिया 30 जून सुबह 6 बजे तक चलेगी। हर साल बरसात में डैम में जमा गाद और सिल्ट को निकालने के लिए यह प्रक्रिया की जाती है।
सतर्कता बरतें: प्रशासन की अपील
ब्यास नदी में जलस्तर के बढ़ने को देखते हुए जिला प्रशासन और बीबीएमबी प्रबंधन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी के पास न जाने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही, पालतू पशुओं को भी नदी से दूर रखने का आग्रह किया गया है।
ज्यूणी खड्ड में भी उफान
पंडोह क्षेत्र में ज्यूणी खड्ड भी उफान पर है और ब्यास नदी की धारा को चुनौती देती नजर आ रही है। इससे क्षेत्र में और अधिक सतर्कता की आवश्यकता बन गई है।
आपदा की स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क:
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने जनता से मौसम विभाग और प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:
📞 01905-226201, 226202, 226203, 226204
📱 व्हाट्सएप: 85447-71889
