Shimla, Sanju: ढली के समीप स्थित लिंडीधार गाँव इन दिनों गंभीर संकट का सामना कर रहा है। क्षेत्र में फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के चलते गाँव की डंगे (सुरक्षा दीवारें) दरक रही हैं और लगातार बारिश ने स्थिति को और भयावह बना दिया है। बीती रात तेज बारिश के कारण डंगे का दूसरा हिस्सा भी गिर गया, जिससे गाँव के कई घर खतरे की जद में आ गए हैं। दहशत में आए ग्रामीण अब घरों से बाहर खुले में रहने को मजबूर हैं।
बताया जा रहा है कि यह डंगा करीब 90 फुट ऊंचा है। पहले ही इसका एक हिस्सा गिर चुका था, जिसमें लगभग 150 सेब के पेड़ मलबे में दब गए थे। अब दूसरा हिस्सा भी गिर चुका है और एक ओर हिस्सा गिरने की कगार पर है। अगर यह भी ढहता है, तो मलबा सीधे लोगों के घरों पर गिर सकता है जिससे भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है।हालांकि, पंचायती राज मंत्री और उपायुक्त अनुपम कश्यप मौके पर पहुंचे थे, पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य कर रही कंपनी के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई है, बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
वहीं, एसडीएम मनजीत शर्मा ने भी मौके पर पहुंचकर कंपनी अधिकारियों को फटकार लगाई और जल्द से जल्द मलबा हटाकर नई सेफ्टी वाल निर्माण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने 15 दिन बाद पुनः निरीक्षण की बात भी कही।
ग्रामीणों ने दी चेतावनी:
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को कई बार स्थिति से अवगत कराया गया लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले। अब ग्रामीणों ने प्रशासन को दो दिन का समय दिया है और चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में काम शुरू नहीं हुआ, तो वे ढली में चक्का जाम करेंगे।
स्थानीय बाइट:
ग्रामीणों ने कहा कि एक महीने पहले डंगा गिरने के बावजूद यहां न तो मलबा हटाया गया और न ही निर्माण कार्य शुरू किया गया। मलबा लगातार जमा होने के कारण अब और हिस्सा ढहने की स्थिति में है, जिससे आसपास के घरों को खतरा बढ़ गया है।
ऋषि राठौर की अपील:
स्थानीय निवासी ऋषि राठौर ने विक्रमादित्य सिंह से आग्रह किया कि वे स्वयं मौके पर आकर स्थिति का जायजा लें और फोरलेन निर्माण कार्य की अनियमितताओं पर संज्ञान लें। उन्होंने अनुराग ठाकुर के हमीरपुर-मंडी प्रोजेक्ट को लेकर गडकरी को पत्र लिखने का उदाहरण देते हुए कहा कि विक्रमादित्य को भी इसी तरह अपने क्षेत्र की जनता की आवाज़ उठानी चाहिए।
