नाहन/देवेन्द्र कुमार- दशकों से लंबित गिरीपार जनजातीय क्षेत्र मामले पर अब जल्द अंतिम मोहर लग जाएंगी और लोगों की सालों पुरानी मांग पूरी हो जाएगी। दरअसल जनजातीय मामले को लेकर विधेयक संसद के दोनों ही सदनों से पारित हुआ है और अब इस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने बाकी है जिसके बाद यह विधेयक लागू हो जाएगा ।
करीब 2 लाख की आबादी होंगी लाभान्वित
मामले को सिरे चढ़ता देख सालो से संघर्ष कर रही केंद्रीय हाटी समिति केंद्र सरकार व पूर्व की जयराम सरकार का आभार जता रही है। गिरिपार क्षेत्र का यह इलाका साल 1967 से उत्तराखंड के जौनसार बाबर की तर्ज पर गिरीपार को जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की मांग कर रहा है, जो अब पूरी होते नजर आ रहा है। केंद्रीय हाटी समिति का कहना है कि लोगों ने शांतिपूर्वक तरीके से अपनी मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाया और आज सफलता के बिल्कुल करीब है । वही केंद्रीय हाटी समिति ने केंद्र व प्रदेश पूर्व सरकार की भी सरहाना की है।केंद्रीय हाटी समिति उन सभी लोगों का आभार जता रही है जिन्होंने आंदोलन को आगे बढ़ाने में मदद की है , फिर चाहे इसमें प्रशासनिक अधिकारी हो या फिर राजनीति से जुड़े लोग। समिति का मानना है कि जनगणना 2011 के मुताबिक 1 लाख 60 हजार लोगों को इसका लाभ मिलेगा, मगर मौजूदा में संख्या बढ़ कर 2 लाख के करीब पहुंच गई है।
विधानसभा में बना था चुनावी मुद्दा
हिमाचल में पूर्व की बीजेपी सरकार व केंद्र सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया था और इसे विधानसभा में चुनावी मुद्दा भी बनाया गया था। यह अलग बात है कि जिन 2 विधानसभा क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलना है , उन दोनों ही विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है।
