नीरज डोगरा,शिमला: प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक है। ऐसे में प्रदेश के सभी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार को घेरे हुए है। एक और जहां प्रदेश का कर्मचारी वर्ग ओपीएस की मांग को लेकर अनशन पर बैठा हुआ है तो वहीं बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ ने भी सरकार के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है।
बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ ने बुधवार को शिमला में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और पंचायत भवन शिमला से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाली। इस दौरान शिक्षकों ने मांग कि है की 2 वर्ष पहले शारीरिक शिक्षकों के 870 पदों की भर्ती निकाली गई थी जिसे अभी तक भरा नहीं गया है बेरोजगार शिक्षकों की मांग हैं कि इस भर्ती प्रक्रिया को सरकार जल्द पूरा करे।
बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ के सलाहकार डॉ. रमेश राजपूत ने कहा कि प्रदेश में लगभग 22 हजार से अधिक बेरोजगार शारीरिक शिक्षक है, जबकि पिछले कई वर्षों से डीपी अथवा पीईटी के पदों पर भर्ती नहीं की गई है। बेरोजगार शिक्षकों का कहना है कि 2 साल पहले निकाली गई 870 पदों की भर्ती की नियुक्ति प्रक्रिया सरकार जल्द शुरू करें।
शिक्षकों का मानना है कि आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार को इस मामले में जल्दबाजी दिखानी चाहिए क्योंकि प्रदेश में बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों की संख्या काफी अधिक है। यदि यह सरकार 5 साल बाद भी इन भर्तियों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो यह 22 हजार शिक्षक अपने परिवारों सहित आने वाले विधानसभा चुनाव में नोटा का इस्तेमाल करेंगे।
