राहुल चावला, धर्मशाला: प्रदेश में कांग्रेस की सरकार अपने तीन माह का कार्यकाल पूरा कर चुकी हैं। अब भाजपा की ओर आए सरकार को उनके इस तीन माह के कार्यकाल को लेकर घेरने का काम किया जा रहा हैं। कांगड़ा से भाजपा विधायक पवन काजल ने कांग्रेस सरकार पर उनके इसी तीन माह के कार्यकाल को लेकर हमला बोला हैं। उन्होंने कहा हैं कि कांग्रेस सरकार प्रदेश में 3 महीने का कार्यकाल पूरा कर चुकी है, लेकिन अभी तक सरकार हनीमून पीरियड से बाहर नहीं निकल सकी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकाल में जिला कांगड़ा की जमकर अनदेखी हो रही हैं। काजल ने कहा कि कांगड़ा जिला ने कांग्रेस की झोली में 10 विधायक डाले हैं, बावजूद इसके कांगड़ा की आवाज को अनसुना किया जा रहा हैं उन्होंने कहा आरोप लगाया हैं कि प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान टांडा मेडिकल कॉलेज की हालत बद से बदतर होती जा रही है,लेकिन सरकार इस और कोई ध्यान नहीं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज प्रदेश के 6 जिलों को लाभांवित करता है, लेकिन यहां से डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के तबादले किए जा रहे हैं।
पवन काजल ने कहा कि जब वह कांग्रेस में थे तब भी वह कांगड़ा जिला की आवाज को जोर-शोर से उठाते रहे हैं । उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए । उन्होंने कांग्रेस विधायकों से भी कांगड़ा जिला के हकों की पैरवी करने की गुजारिश की। पवन काजल ने कहा कि कोरोना काल के समय से टांडा मेडिकल कॉलेज में विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे लगभग 350 कर्मचारियों को निकाल दिया गया हैं, जिससे सारी व्यवस्था चरमरा गई हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के फरमान जारी करना लोगों के साथ अन्याय हैं।
उन्होंने कहा कि यह गलत है कि भाजपा कार्यकाल में लगाए गए कर्मचारियों को निकाला जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री व ओबीसी समुदाय के खिलाफ जो अभद्र टिप्पणी की थी उसकी सजा वह आज भुगत रहे हैं और कांग्रेस बेवजह इस मामले को तूल देकर मामले को उलझाने का प्रयास कर रही हैं । कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के मुद्दे को लेकर काजल ने कहा कि विस्तारीकरण की आड़ में करीब 1416 परिवार उजड़ रहे हैं और वह उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का विस्तारीकरण किया जाना चाहिए लेकिन लोगों को उजाड़ कर यह विस्तारीकरण नहीं होना चाहिए ।
उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ बात की है और मामला विधानसभा में भी उठायाहैं। उन्होंने कहा कि सरकार को उजड़ने वाले परिवारों के बारे में पहले सोचना चाहिए । कांगड़ा के विधायक पवन काजल ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि कांगड़ा शहर के साथ लगती 6 से 7 पंचायतों के लिए करीब 60 करोड रुपए की लागत से सीवरेज की योजना को स्वीकृति मिल गई हैं। काजल ने कहा कि उन्होंने 2018-19 में विधायक प्राथमिकता के तहत इस कार्य के लिए डीपीआर तैयार करवाई थी। विधायक काजल ने कहा कि इस योजना का कार्य 4 वर्ष में पूर्ण कर लिया जाएगा जिससे कि इन ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायत के लोगों को सीवरेज योजना का लाभ मिलेगा।
