By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Reading: पौंग बांध विस्थापितों के प्रति पचास वर्षों से सरकार का रैवेया उदासीन: विनोद शर्मा
Share
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Search
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
© 2022 Dawn News Network Pvt Ltd. | News Media Company | All Rights Reserved.
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal > Blog > himachal > पौंग बांध विस्थापितों के प्रति पचास वर्षों से सरकार का रैवेया उदासीन: विनोद शर्मा
himachalNews

पौंग बांध विस्थापितों के प्रति पचास वर्षों से सरकार का रैवेया उदासीन: विनोद शर्मा

admin
admin 4 Min Read
Updated 2023/04/18 at 10:57 AM
Share
संजीव महाजन, नूरपुर: पौंग बांध विस्थापित समिति की फतेहपुर विधानसभा के राजा का तालाब में बैठक हुई। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के वकील विनोद शर्मा विशेष रूप से विस्थापितों से रूबरू हुए। इस बैठक में प्रदेश भर से आए विस्थापित भी भारी संख्या में पहुंचे।
पौंग बांध विस्थापितों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की पांच अप्रैल को हुई पहली सुनवाई के बाद प्रदेश पौंग बांध समिति की यह पहली बैठक थी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से पौंग बांध विस्थापितों के मामले में केंद्र, राजस्थान व प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करके आठ मई से पहले जबाव तलब किया हैं। इसी बात को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील विनोद शर्मा व उनके सहयोगी विस्थापितों से रूबरू हुए। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के वकील विनोद शर्मा ने  विस्थापितों से रूबरू होते हुए बताया कि विभिन्न मामलों में अलग-अलग याचिकाएं दायर हैं,जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई को होने वाली दूसरी सुनवाई से पहले केंद्र, हिमाचल व राजस्थान सरकार से विस्थापितों के मामले में नोटिस जारी करके जबाब तलब किया हैं।
वकील विनोद शर्मा ने बताया कि कई पौंग बांध विस्थापितों का आज तक राज्यस्थान में पुनर्वास नहीं हो पाया हैं। कई मामलों में विस्थापितों का राज्यस्थान में भू आबंटन निरस्त हुआ हैं। कुछ विस्थापितों को समझौते के अनुरूप वहां भू आबंटन नहीं हुआ हैं, जबकि कुछ मामलों में वहां का भू माफिया पौंग बांध को छ्ल बल से बसने नहीं दे रहा। द्वितीय चरण बिना मूलभूत सुविधाओं के भू आबंटन किया गया हैं,मिली भगत से फ्रॉड के कई मामले हैं। ऐसी कुछ और याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई हैं, जिनको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र,राज्यस्थान व प्रदेश सरकार से 8 मई से पहले जबाब तलब किया हैं।
इस मौके पर प्रदेश पौंग बांध समिति प्रधान हंस राज चौधरी ने कहा कि हिमाचल के लोगों ने पौंग बांध निर्माण में भूमि को जलमग्न करवाया। इस हिसाब से उस समय का समझौता ही गलत था। विस्थापितों को भूमि के बदले हिमाचल में ही भूमि मिलनी चाहिए थी।परंतु तीन हजार किलोमीटर दूर तपते रेगिस्तान में भोले भाले अनपढ़ लोगों को राज्यस्थान में बसने के लिए मजबूर किया गया। समझौते के अनुरूप जिला श्रीगंगानगर में 2 लाख 20 हजार एकड़ भूमि पर बसाना मंजूर हुआ, परंतु राज्यस्थान सरकार की मिली भगत और प्रदेश सरकार के उदासीन रवैय्ये ने विस्थापितों की भावनाओं को कुचलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। किसी सरकार ने उन्हें समझौते के अनुरूप राज्यस्थान में भूमि दिलवाने की प्रक्रिया नहीं अपनाई।वहीं मूलभूत सुविधाओं से वंचित तपते रेगिस्तान के बॉर्डर एरिया में उन्हें भूखे मरने के छोड़ दिया।
इनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से ही उन्हें आशा की किरण नजर आती है। ऐसे में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाने की प्रक्रिया अपनाई। समिति वरिष्ठ सचिव एचसी गुलेरी ने कहा की उत्पीड़न का दंश झेलते कभी प्रदेश मुख्यमंत्री, कभी मंत्रियों, कभी केंद्रीय नेतृत्व से न्याय की गुहार लगाई, परंतु सरकारों का रवैय्ये विस्थापितों के प्रति पचास वर्षों से ही उदासीन रहा हैं। विस्थापितों के हितों की रक्षा के लिए गठित हाई पावर कमेटी की 27 बैठकें बेनतीजा रहीं,जोकि दर्शाती हैं कि यह खानापूर्ति ही रही। वरिष्ठ उपाध्यक्ष एम एल कौंडल ने कहा कि विस्थापितों के साथ सभी सरकारों के अन्यायपूर्ण व्यवहार ने उन्हें मजबूर कर दिया की सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएं। ऐसे में विस्थापितों को सुप्रीम कोर्ट से जल्द ही न्याय मिलेगा।
TAGGED: displaced, fifty years, Government, indifferent, nurpur, Pong Dam
admin April 18, 2023
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print
Previous Article निर्वासित तिब्बतियों के संगठनों ने निकाली रोष रैली, बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा की छवि खराब करने का लगाया आरोप
Next Article शिमला नगर निगम चुनाव: आम आदमी पार्टी ने ठोकी चुनावी ताल,13 उम्मीदवारों ने एक साथ भरा नामांकन
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Browse by Category
  • Accident
  • Business /Employement
  • crime
  • education
  • election
  • festival
  • health
  • himachal
  • News
  • political
  • political
  • Religion
  • Sports
  • Uncategorized
  • weather
  • शख़्सियत

You Might Also Like

पूरे सैन्य सम्मान के साथ विदा हुए जवान अभिषेक कुमार, नौहगी गांव में पसरा मातम

Ago

नूरपुर डैकवां स्कूल में मतदाता जागरूकता अभियान आयोजित

Ago

मोइन शनि देव मंदिर में श्रद्धा का सैलाब, भव्य आयोजन में गूंजे भक्ति गीत

Ago

आतंकवाद विरोधी मोर्चे के अध्यक्ष एमएस बिट्टा ने मां चिंतपूर्णी के दरबार में नवाया शीश, व्यवस्थाओं को सराहा

Ago

1058, Mall Enclave, DAYAL NAGAR,
Ludhiana, Punjab 141001

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?