Hamirpur, Arvind-:सर्वकल्याणकारी संस्था की ओर से सुजानपुर के ऐतिहासिक चौगान मैदान में सेना दिवस के उपलक्ष्य पर भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देशभक्ति से ओत-प्रोत इस समारोह में पूर्व सैनिकों, सामाजिक संस्थाओं, युवाओं तथा विभिन्न संगठनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय सेना के शौर्य, बलिदान और अनुशासन को सम्मान देना रहा।
समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जबकि मेवाड़ राजघराने से ताल्लुक रखने वाले महान योद्धा महाराणा प्रताप के वंशज लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ विशेष अतिथि एवं गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित अनेक गणमान्य हस्तियां समारोह में मौजूद रहीं।राज्यपाल एवं अन्य अतिथियों के आगमन पर पारंपरिक अंदाज में उनका भव्य स्वागत किया गया। घोड़ों और ऊंटों के साथ शोभायात्रा निकाली गई तथा बैंड-बाजों की मधुर धुनों के बीच अतिथियों को चौगान मैदान तक लाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथियों को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि सेना दिवस को पूरे देश में बड़े सम्मान और गौरव के साथ मनाया जाता है। उन्होंने सर्वकल्याणकारी संस्था की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने सेना दिवस का आयोजन अत्यंत अनुकरणीय ढंग से किया है। राज्यपाल ने सीमाओं पर तैनात देश के वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि भारतीय सेना केवल सैन्य शक्ति ही नहीं, बल्कि देश की अखंडता और संप्रभुता की प्रहरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए वन रैंक वन पेंशन, नेशनल वॉर मेमोरियल और सैनिक परिवारों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं को ऐतिहासिक बताया।
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सेना दिवस पर इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि बताते हुए कहा कि प्रदेश के वीर सपूतों ने देश की रक्षा के लिए सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने गर्व के साथ याद दिलाया कि देश का पहला परमवीर चक्र हिमाचल के मेजर सोमनाथ शर्मा को प्राप्त हुआ था और कारगिल युद्ध में भी प्रदेश के सैनिकों ने अद्भुत साहस का परिचय दिया।जयराम ठाकुर ने कहा कि कुछ लोग ऐसे आयोजनों की आलोचना सोशल मीडिया पर करते हैं, लेकिन पिछले 25 वर्षों से सर्वकल्याणकारी संस्था निरंतर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जो निश्चित रूप से सराहनीय है।
विशेष अतिथि लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपने संबोधन में कहा कि सेना दिवस के अवसर पर इस प्रकार का आयोजन देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को याद करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का सम्मान करना हम सभी के लिए गर्व की बात है और ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है।समारोह देशभक्ति के नारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ, जिसने उपस्थित जनसमूह को गर्व और उत्साह से भर दिया।
Chandrika
