अरविंदर सिंह,हमीरपुर: जिला हमीरपुर के नगर परिषद हमीरपुर वार्ड नंबर आठ नया घर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां प्रवासी मजदूरों की 3 साल की मासूम बच्ची को कुत्तों ने नोच-नोचकर मौत के घाट उतार डाला। इससे पहले भी क़ई मर्तबा यहां कुत्तों ने प्रवासी मजदूरों के बच्चों पर हमला किया था, लेकिन यह पहली बार हुआ कि जब इन आवारा कुत्तों ने मासूम बच्ची को नोच नोच कर मार डाला।

गुरुवार देर शाम को सफाई कर्मचारी की 3 साल की बेटी को किरण अपनी झुग्गी से पिछली तरफ शौच के लिए गई थी। बच्ची के परिजन भी झुग्गी में ही मौजूद थे और इसी दौरान अचानक कुत्तों ने हमला किया। परिजनों की आंखों के सामने चार से पांच कुत्तों का झुंड बच्ची को उठाकर घर से लगभग 100 मीटर दूर झाड़ियों में ले गया और यहां पर उसे बुरी तरह से नोच डाला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में लाया गया है।
जानकारी के मुतबिक मृतक बच्ची का पिता माखन लाल निवासी होशियारपुर हमीरपुर शहर में है सफाई का कार्य करता है। उसके एक बेटा और बेटी है। वह नगर परिषद हमीरपुर के वार्ड नंबर 8 नया नगर, हमीर हॉस्पिटल के सामने एक झुग्गी झोपड़ी में अपने परिवार के साथ रह रहा है। वीरवार को माखनलाल की 3 साल की बेटी अपनी झुग्गी झोपड़ी के पिछले तरफ खेत में शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान आवारा कुत्तों का झुंड उस पर झपट पड़ा और झोपड़ी से कुछ दूरी पर उसे बुरी तरह से नोच डाला।
दिल को दहला देने वाली इस घटना से हमीरपुर शहर में हड़कंप मच गया है। कुत्तों ने मासूम को इतनी बुरी तरह से नोचा था कि उसके शरीर की हड्डियां तक निकल गई थी। परिजनों ने जब झोपड़ी से कुछ ही दूरी पर अपनी बच्ची को देखा तो बड़ी मुश्किल से सबने मिलकर कुत्तों को भगाया। जब उन्होंने बच्ची को देखा तो उसका कान, पीठ, चेहरा और शरीर का काफी हिस्सा कुत्तों ने नोच खाया था और टांग की हड्डी तक निकाल दी थी। घटना के बाद अब यहां रह रहे प्रवासी मजदूरों को अपने बच्चों की चिंता सता रही है। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि वह उनकी और उनके बच्चों की सुरक्षा का प्रबंध करें जिससे कि आगामी समय में इस तरह की घटना ना हो और उनके बच्चे सुरक्षित माहौल में घूम फिर सकें।
